YEIDA बोर्ड की बैठक में लिए गए कई बड़े फैसले, राया हेरिटेज सिटी परियोजना से लेकर रियल एस्टेट के प्रोजेक्ट्स पर मुहर
- Shiv Kumar
- 31 Jan, 2026
ग्रेटर नोएडा | यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 88वीं बोर्ड बैठक में शहरी विकास, शिक्षा, किसानों, रियल एस्टेट और औद्योगिक निवेश से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में मथुरा की राया हेरिटेज सिटी परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई और इसे PPP मॉडल पर आगे बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बोर्ड के सामने परियोजना का संशोधित लेआउट रखा गया, जिसमें वृंदावन बाइपास के पास 17.5 हेक्टेयर क्षेत्र में पिलग्रिम गेटवे कॉम्प्लेक्स प्रस्तावित है। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण या क्रय की जिम्मेदारी YEIDA की होगी। अधिकारियों के मुताबिक हेरिटेज सिटी को धार्मिक पर्यटन और शहरी सुविधाओं के बेहतर तालमेल के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे वृंदावन और मथुरा आने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
राया हेरिटेज सिटी और आवासीय योजनाओं पर मंथन
बोर्ड बैठक में यह भी संकेत दिए गए कि बांके बिहारी मंदिर विकास परियोजना से प्रभावित होने वाले परिवारों को राया हेरिटेज सिटी क्षेत्र की आवासीय योजनाओं में आरक्षण देने पर मौजूदा नीति के तहत विचार किया जाएगा। हालांकि, इस पर अभी अंतिम मंजूरी नहीं दी गई है। इसके साथ ही वृंदावन में होटल और ठहराव की कमी को देखते हुए अधिसूचित क्षेत्र में आवासीय और मिक्स्ड-यूज योजनाएं लाने पर भी चर्चा हुई। बोर्ड का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। आने वाले समय में इस पर विस्तृत प्रस्ताव लाकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
OTS की समयसीमा तय, 28 फरवरी के बाद नहीं मिलेगा मौका
वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम को लेकर बोर्ड ने साफ शब्दों में कहा कि इसकी डेडलाइन 28 फरवरी के बाद नहीं बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि YEIDA क्षेत्र में 7,197 डिफॉल्टर अलॉटी हैं, जिन पर करीब 4,948 करोड़ रुपये का बकाया है। हैरानी की बात यह है कि अब तक सात बार स्कीम लागू होने के बावजूद केवल 117 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि 28 फरवरी के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। OTS स्कीम के तहत एकमुश्त भुगतान पर ब्याज में पूरी छूट और मूल राशि पर 2 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, वहीं किस्तों में भुगतान का विकल्प भी मौजूद है।
शिक्षा, रियल एस्टेट और किसानों से जुड़े अहम निर्णय
बैठक में शिक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए सेक्टर-34 (PS-01) में 6 एकड़ जमीन मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल के लिए 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से आवंटित करने को मंजूरी दी गई। यह स्कूल प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक संचालित होगा। वहीं, अटकी रियल एस्टेट परियोजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत शामिल 11 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में से 9 डेवलपर्स ने करीब 402 करोड़ रुपये जमा किए हैं। किसान मामलों में 2014-15 से 2025-26 के बीच 2,986 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिए जाने की जानकारी भी बोर्ड को दी गई।
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