फर्जी कॉल सेंटर चलाकर करते थे तगड़ा फ्रॉड, पुलिस ने पांच को दबोचा, हाथ जोड़े माफी मांगते आए नजर

top-news
नोएडा में थाना फेस-1 और साइबर पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश कर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 5 बैंक खाते सीज कर 10 लाख रुपये फ्रिज किए गए हैं।

नोएडा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी कॉल सेंटर चलाकर युवाओं से ठगी करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना फेस-1 पुलिस और साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को लेबर डिपार्टमेंट का अधिकारी बताकर मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे और लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, फर्जी पहचान पत्र, नकली मोहर, डेबिट-क्रेडिट कार्ड सहित कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।


लेबर डिपार्टमेंट अधिकारी बनकर करते थे ठगी
एडीसीपी श्वेया गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि आरोपी एक फर्जी कॉल सेंटर के जरिए देशभर के युवाओं को कॉल कर खुद को केंद्रीय श्रम आयुक्त कार्यालय या भारत श्रम विभाग से जुड़ा अधिकारी बताते थे। वे दावा करते थे कि उनकी पहुंच नामी मल्टीनेशनल कंपनियों तक है और सरकारी प्रक्रिया के तहत नौकरी दिलाई जाएगी। रजिस्ट्रेशन फीस, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर युवाओं से मोटी रकम वसूली जाती थी। पुलिस जांच में ऐसे कई फर्जी आई-कार्ड मिले हैं, जिन पर केंद्रीय लेबर कमिश्नर का जिक्र किया गया था, जिससे लोगों को आसानी से भरोसे में लिया जा सके।


5 बैंक खाते सीज, 10 लाख रुपये फ्रिज
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल के अनुसार, पुलिस ने तकनीकी जांच और बैंकिंग ट्रांजैक्शन के आधार पर अब तक 5 बैंक खातों को सीज किया है। इन खातों में ठगी के करीब 10 लाख रुपये फ्रिज कराए गए हैं। आरोपियों ने ठगी की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर उसे निकालने की कोशिश की थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई कर दी गई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हुए हैं तथा देश के किन-किन राज्यों में इनके शिकार मौजूद हैं।


इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से हुआ खुलासा
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय से साइबर ठगी की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद थाना फेस-1 पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त रूप से इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस के जरिए फर्जी कॉल सेंटर की लोकेशन ट्रेस की। छापेमारी के दौरान मौके से लैपटॉप, मोबाइल फोन, फर्जी मोहर, फर्जी भारत श्रम विभाग की आईडी, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और जल्द ही ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि नौकरी के नाम पर मांगी जाने वाली किसी भी फीस से सतर्क रहें और संदेह होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *