बजट 2026 में किसको क्या मिला? युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए क्या? सेक्टरवाइज जानें सबकुछ यहां!

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बजट 2026 में युवाओं के लिए कंटेंट लैब, हेल्थ सेक्टर में सस्ती दवाएं, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश, सेना के बजट में वृद्धि और रोजगार व कृषि से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं का ऐलान किया गया, जिससे विभिन्न वर्गों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार युवाओं को डिजिटल कंटेंट और रील निर्माण का प्रशिक्षण देने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन लैब स्थापित करेगी। इसकी जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान दी। साथ ही देश में 3 नए आयुर्वेदिक एम्स संस्थान खोलने और कैंसर व हीमोफीलिया जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता करने का भी ऐलान किया गया। आइए जानते हैं अलग-अलग वर्गों के लिए बजट में क्या प्रमुख घोषणाएं हुईं हैं?

युवाओं के लिए क्या?
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी, मुंबई के सहयोग से 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी।
एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक (ABGC) सेक्टर में 2030 तक 20 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
5 नए टाउनशिप बसाए जाएंगे, जहां पढ़ाई के साथ कंपनियों में काम का अवसर देकर युवाओं को कॉर्पोरेट अनुभव मिलेगा।
गेमिंग स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए ₹10,000 करोड़ का फंड बनाया जाएगा और 10 लाख से अधिक पेशेवरों को रोजगार मिलेगा।
IITs और IISc में AI और डीप-टेक रिसर्च को बढ़ावा देने हेतु 10,000 नई टेक फेलोशिप शुरू होंगी।
एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए 4 टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी स्थापित होगा, जिससे छात्रों को सीधे सर्विस इंडस्ट्री में अवसर मिलेंगे।
20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 12 सप्ताह का हाइब्रिड प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिससे 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को अपस्किल किया जाएगा।
नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड बनने से रिसर्चर, इतिहासकार और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

महिलाओं के लिए क्या?
खेती को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए मल्टीलैंग्वेज AI आधारित ‘भारत विस्तार’ टूल लॉन्च होगा, जो किसानों को स्थानीय भाषा में जानकारी देगा।
नारियल, चंदन तथा पहाड़ी इलाकों में बादाम, अखरोट, काजू और कोको उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
मछली पालन और मार्केटिंग को मजबूत करने के लिए 500 जलाशय और अमृत सरोवर विकसित किए जाएंगे।
डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में स्टार्टअप्स को सहयोग देने के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना लागू की जाएगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सालाना ₹6,000 की सहायता जारी रहेगी, जिससे 11.8 करोड़ किसानों को लाभ मिलता रहेगा।

नौकरी पेशा को लेकर क्या?
इनकम टैक्स स्लैब और दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। 2025 में 12 लाख तक की आय को टैक्स-फ्री किया गया था। नई टैक्स रिजीम में ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन जारी रहेगा।
‘एजुकेशन टू एम्पलॉयमेंट एंड इंटरप्राइजेज’ कमेटी का गठन होगा, जो नई तकनीकों के रोजगार पर असर का अध्ययन करेगी।
छोटे और मध्यम उद्यमों की मदद के लिए ₹10,000 करोड़ का फंड स्थापित किया जाएगा।

मेडिकल और हेल्थ सेक्टर के लिए क्या?
कैंसर की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटाई गई है, जबकि हीमोफीलिया समेत 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाएं भी सस्ती होंगी।
देश में 3 नए आयुर्वेदिक संस्थान खोले जाएंगे और रांची व तेजपुर में नेशनल मेंटल हेल्थ केयर की शुरुआत होगी।
बायोफार्मा शक्ति योजना के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया, जिससे भारत को अगले 5 वर्षों में बायोफार्मा हब बनाया जाएगा।
3 नए नेशनल फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट बनाए जाएंगे और 1 लाख से अधिक हेल्थ वर्कर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी।
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न राज्यों में 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब विकसित होंगे।
जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर शुरू कर उनकी क्षमता 50% से अधिक बढ़ाई जाएगी।

सेना के लिए क्या?
सेना के लिए कुल ₹7.8 लाख करोड़ का बजट आवंटित किया गया, जो पिछले वर्ष से ₹1.04 लाख करोड़ अधिक है।
₹3.6 लाख करोड़ सैलरी और ₹1.71 लाख करोड़ पेंशन के लिए निर्धारित हैं, यानी बजट का बड़ा हिस्सा वेतन-पेंशन पर खर्च होगा।
आर्मी को ₹2.43 लाख करोड़, एयरफोर्स को ₹63 हजार करोड़ और नेवी को लगभग ₹47 हजार करोड़ दिए गए।
कैपिटल बजट ₹2.19 लाख करोड़ रखा गया, जो पिछले साल से 21% ज्यादा है।
इसमें से लगभग ₹64 हजार करोड़ एयरक्राफ्ट और इंजन निर्माण तथा ₹25 हजार करोड़ नेवल वारशिप के लिए खर्च होंगे।

रेलवे के लिए क्या?
रेलवे को इस वर्ष ₹2.81 लाख करोड़ का बजट मिला, जो पिछले साल से करीब 10% अधिक है।
देश में 7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जो मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलिगुड़ी को जोड़ेंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए क्या?
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर तय किया गया, जो पिछले वर्ष से लगभग ₹1 लाख करोड़ ज्यादा है।
कैपिटल एक्सपेंडिचर का उपयोग लंबी अवधि के राजस्व देने वाली परियोजनाओं जैसे सड़क, पुल, स्कूल और अस्पताल निर्माण में किया जाता है।
माल परिवहन को बेहतर बनाने के लिए 20 नए वाटरवेज विकसित किए जाएंगे और पश्चिम बंगाल के दानकुनी को सूरत से जोड़ने वाला नया मालवाहक कॉरिडोर भी बनाया जाएगा।

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