नोएडा में पूर्व आईएएस के साथ चौंकाने वाली वारदात, हो गया कांड, मामला जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान!

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नोएडा में पूर्व आईएएस अधिकारी से ई-चालान के नाम पर साइबर ठगों ने 1.91 लाख रुपये की ठगी कर ली। फर्जी मैसेज और लिंक के जरिए कार्ड की जानकारी हासिल कर रकम निकाली गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नोएडा के सेक्टर-15ए में रहने वाले एक सेवानिवृत्त पूर्व आईएएस अधिकारी साइबर ठगी का शिकार हो गए। जालसाजों ने ई-चालान के नाम पर फर्जी संदेश भेजकर उनके क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर ली और उसके बाद 1.91 लाख रुपये की रकम निकाल ली। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत साइबर अपराध थाना पुलिस से की, जिसके आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, जालसाज लगातार सरकारी विभागों के नाम पर लोगों को मैसेज भेजकर लिंक पर क्लिक कराने और कार्ड संबंधी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से ऐसे मैसेज और लिंक से सावधान रहने की अपील भी की है।


फर्जी परिवहन विभाग के मैसेज से शुरू हुआ पूरा मामला
पीड़ित पूर्व आईएएस अधिकारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 29 दिसंबर को उनके मोबाइल फोन पर एक संदेश आया, जिसमें वाहन तेज गति से चलाने पर जुर्माना लगने की बात कही गई थी। संदेश में अतिरिक्त जुर्माने से बचने के लिए तुरंत भुगतान करने की चेतावनी भी दी गई। इसके कुछ दिनों बाद 5 जनवरी को एक और एसएमएस आया, जिसमें खुद को परिवहन मंत्रालय से जुड़ा बताया गया और तुरंत चालान जमा करने का दबाव बनाया गया। लगातार संदेश आने से उन्हें लगा कि मामला आधिकारिक है, जिसके कारण उन्होंने दिए गए निर्देशों का पालन करना शुरू कर दिया।


500 रुपये के चालान के बहाने कार्ड की जानकारी ली गई
जालसाजों ने पहले उनसे वाहन नंबर पूछा और फिर एक ऑनलाइन फॉर्म भरवाया। इसके बाद मात्र 500 रुपये का जुर्माना बताया गया, जिसे जमा करने के लिए उन्हें एक लिंक भेजा गया। पीड़ित ने अपने अमेरिकन एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर दिया और प्रक्रिया पूरी करने के लिए कार्ड से जुड़ी जानकारी भी साझा कर दी। लिंक पर क्लिक करते ही कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि कार्ड से बड़ी रकम ट्रांसफर हो चुकी है। तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने तुरंत कार्ड कंपनी और संबंधित विभाग से संपर्क किया, लेकिन रकम पहले ही निकल चुकी थी।


साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत, पुलिस ने शुरू की जांच
पीड़ित ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और पुलिस को सूचना दी। हालांकि कार्ड जारी करने वाली कंपनी ने लेनदेन की जिम्मेदारी कार्डधारक पर बताते हुए रकम लौटाने से इनकार कर दिया। साइबर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की तकनीकी जांच की जा रही है और संदिग्ध खातों व लेनदेन का पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और सरकारी विभाग के नाम से आने वाले संदेशों की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही पुष्टि करें।

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