ग्रेटर नोएडा में एसटीपी बंद मिलने पर अजनारा होम्स पर बड़ी कार्रवाई, अथॉरिटी ने लगाया 54 लाख से ज्यादा जुर्माना
- Shiv Kumar
- 03 Feb, 2026
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-16बी स्थित अजनारा होम्स सोसाइटी के बिल्डर एपीवाई रियल्टी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 54.32 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोप है कि सोसाइटी में लंबे समय से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बंद था और बिना शोधित सीवेज को बाहर छोड़ा जा रहा था। साथ ही भूजल दोहन और कचरा प्रबंधन में भी गंभीर लापरवाही पाई गई। मामले को गंभीर मानते हुए प्राधिकरण ने बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए भी पुलिस को पत्र भेजा है। यह कार्रवाई प्राधिकरण द्वारा बिल्डर सोसाइटियों की निगरानी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है।
दो साल से बंद मिला एसटीपी, नालियों में छोड़ा जा रहा था गंदा पानी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम ने निवासियों की शिकायतों के बाद सोसाइटी का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि यहां लगा एसटीपी लंबे समय से संचालित नहीं हो रहा था। सोसाइटी में करीब 2300 फ्लैट हैं, जहां से रोजाना लगभग 1.15 एमएलडी सीवेज निकलता है। इस गंदे पानी को बिना शोधन के सीधे नालियों में छोड़ा जा रहा था। कई बार नाली जाम होने पर सीवेज बेसमेंट तक पहुंच गया, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि यह एनजीटी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का सीधा उल्लंघन है, जिससे पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा पैदा हो रहा था।
भूजल दोहन और कचरा प्रबंधन में भी मिली गंभीर लापरवाही
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि सोसाइटी में पेड़-पौधों की सिंचाई के लिए भूजल का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो नियमों के विरुद्ध है। इसके अलावा, सोसाइटी से निकलने वाले कचरे का भी सही तरीके से निस्तारण नहीं किया जा रहा था। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने अलग से 4.32 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं सीवर विभाग ने एसटीपी संचालन और सीवेज निस्तारण में लापरवाही को लेकर 50 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई। अधिकारियों ने बिल्डर को सात कार्यदिवस में राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में दोबारा लापरवाही मिलने पर लीज शर्तों के तहत और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अन्य सोसाइटियों को भी नियम पालन के निर्देश
प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सभी बिल्डर सोसाइटियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सीवेज का शोधन अनिवार्य रूप से एसटीपी के माध्यम से किया जाए और शोधित पानी का उपयोग हरित क्षेत्र की सिंचाई में किया जाए। उन्होंने कहा कि शहर में पर्यावरण सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले समय में अन्य सोसाइटियों का भी निरीक्षण किया जाएगा और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
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