नोएडा में बर्ड फेस्टिवल का आयोजन, राज्यमंत्री केपी मलिक ने दिया संरक्षण और जागरूकता का संदेश
- Shiv Kumar
- 03 Feb, 2026
ग्रेटर नोएडा। विश्व वेटलैंड दिवस के अवसर पर ग्रेटर नोएडा स्थित सूरजपुर वेटलैंड में बर्ड फेस्टिवल 2026 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्य मंत्री केपी मलिक ने की। इस आयोजन का उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और इको टूरिज्म को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमियों, छात्रों और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। सूरजपुर वेटलैंड में हर साल दूर-दराज देशों से प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं, जिससे यह क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बन गया है।
प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी: मंत्री केपी मलिक
राज्य मंत्री केपी मलिक ने कहा कि हर साल 2 फरवरी को विश्व वेटलैंड दिवस मनाने का मकसद लोगों को आर्द्रभूमि संरक्षण के महत्व से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास की दौड़ में प्रकृति को काफी नुकसान पहुंचा है और कई पक्षी प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि सूरजपुर वेटलैंड जैसी प्राकृतिक धरोहर हमारे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है, जहां हजारों किलोमीटर दूर से पक्षी सुरक्षित वातावरण की तलाश में आते हैं। मंत्री ने सभी लोगों से अपील की कि पर्यावरण और पक्षियों की सुरक्षा के लिए समाज को मिलकर प्रयास करना होगा।
बर्ड वॉचिंग और नेचर वॉक से लोगों को कराया गया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री ने वेटलैंड क्षेत्र का दौरा भी किया। इस दौरान प्रभागीय वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल ने उपस्थित लोगों को बर्ड वॉचिंग टूर, गाइडेड नेचर वॉक और नेचर ट्रेल्स के माध्यम से प्रवासी और स्थानीय पक्षियों, वनस्पतियों तथा अन्य जीव-जंतुओं के जीवन चक्र और पारिस्थितिक महत्व की जानकारी दी। इस गतिविधि से लोगों को प्राकृतिक संतुलन और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को समझने का अवसर मिला। विशेषज्ञों ने बताया कि वेटलैंड पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसके संरक्षण से जल एवं जैव विविधता दोनों सुरक्षित रहते हैं।
फोटो प्रदर्शनी और वृक्षारोपण से दिया संरक्षण का संदेश
बर्ड फेस्टिवल के दौरान मंत्री ने फोटो गैलरी का रिबन काटकर उद्घाटन किया, जिसमें पर्यावरण, पक्षी संरक्षण और जैव विविधता से जुड़ी तस्वीरें प्रदर्शित की गईं। इसके बाद सामूहिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत से हुई, जिसमें प्रकृति और पक्षी संरक्षण का संदेश दिया गया। आयोजकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने में मदद मिलती है और क्षेत्र में इको टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलता है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






