रोहिल्लापुर डूब क्षेत्र में चला ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का बुलडोजर, 18 हजार वर्ग मीटर जमीन कराई गई कब्जा मुक्त

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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने रोहिल्लापुर के डूब क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर कार्रवाई करते हुए 18 हजार वर्ग मीटर जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई। अधिकारियों ने बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रखने की चेतावनी दी है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में प्राधिकरण ने रोहिल्लापुर गांव के डूब क्षेत्र में बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया है। प्राधिकरण की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में करीब 18 हजार वर्ग मीटर जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को बुल्डोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, यहां कुछ कालोनाइजर अवैध प्लॉटिंग कर कॉलोनी बसाने की तैयारी में थे। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में प्रशासनिक हलचल रही और अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप मच गया।


डूब क्षेत्र में बसाई जा रही थी अवैध कॉलोनी
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार रोहिल्लापुर के खसरा संख्या 22 और 33 की जमीन हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में आती है, जहां निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कुछ लोगों ने यहां अवैध निर्माण कर प्लॉटिंग शुरू कर दी थी। शिकायत मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर परियोजना और भूलेख विभाग की टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। वर्क सर्किल-3 के प्रभारी राजेश कुमार निम के नेतृत्व में टीम ने पुलिस की मदद से करीब दो घंटे तक अभियान चलाकर निर्माण ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि डूब क्षेत्र में निर्माण से भविष्य में लोगों की जान और संपत्ति दोनों को खतरा हो सकता था, इसलिए समय रहते कार्रवाई जरूरी थी।


खरीदारी से पहले जमीन की जांच करने की अपील
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जमीन या प्लॉट को खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से उसकी स्थिति की पूरी जानकारी जरूर लें। उन्होंने साफ कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराए निर्माण करना गैरकानूनी है और ऐसे मामलों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रहेगी। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि कई बार लोग अनजाने में अवैध कॉलोनियों में अपनी जीवन भर की कमाई लगा देते हैं, बाद में कार्रवाई होने पर उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए जमीन खरीदने से पहले आधिकारिक पुष्टि बेहद जरूरी है।


15 दिन में पांच बड़ी कार्रवाई, कॉलोनाइजरों में मचा हड़कंप
प्राधिकरण ने पिछले 15 दिनों में अतिक्रमण के खिलाफ पांच बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें करीब 45 हजार वर्ग मीटर जमीन को मुक्त कराया गया। 20 जनवरी को भनौता, 28 जनवरी को हैबतपुर और 4 फरवरी को फिर भनौता में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाया गया। वहीं खेड़ा चौगानपुर में 8 रिहायशी टॉवरों के 100 से अधिक फ्लैटों को भी सील किया गया। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से अवैध निर्माण कराने वालों में डर का माहौल है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि अवैध निर्माण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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