गाजियाबाद घटना के बाद महिला आयोग सख्त, बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई और मोबाइल इस्तेमाल पर जाहिर की चिंता
- Shiv Kumar
- 06 Feb, 2026
गाजियाबाद में तीन नाबालिग बच्चियों की मौत की दर्दनाक घटना के बाद राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है और इसे पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता जताई है। आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने कहा कि बच्चों पर बढ़ते डिजिटल दबाव और मोबाइल आधारित पढ़ाई के दुष्प्रभावों को अब गंभीरता से समझने की जरूरत है। अध्यक्ष ने संकेत दिए कि स्कूलों को जल्द नोटिस भेजकर मोबाइल के जरिए होमवर्क देने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। उनका कहना है कि कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई एक मजबूरी थी, लेकिन अब हालात सामान्य हो चुके हैं, इसलिए बच्चों को लंबे समय तक मोबाइल पर निर्भर रखना उचित नहीं है।
डिजिटल दबाव से मानसिक सेहत पर चिंता
महिला आयोग ने कहा कि लगातार मोबाइल और इंटरनेट के संपर्क में रहने से बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। कई बच्चे तनाव और अवसाद जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिसे समय रहते समझना जरूरी है। आयोग का मानना है कि पढ़ाई के लिए सुरक्षित और वैकल्पिक तरीकों को अपनाया जाना चाहिए, जिससे बच्चों का मानसिक और सामाजिक विकास संतुलित तरीके से हो सके।
अभिभावकों और स्कूलों की साझा जिम्मेदारी
बबीता चौहान ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उनसे संवाद बनाए रखें। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखना केवल स्कूलों या सरकार की नहीं, बल्कि परिवार और समाज की भी जिम्मेदारी है। गाजियाबाद की घटना से सबक लेते हुए आयोग ने ठोस कदम उठाने और बच्चों के हित में नई व्यवस्था बनाने की बात कही है।
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