गौतमबुद्धनगर में बनेंगीं जल चौकियां, चौबीसों घंटे पुलिस रहेगी तैनात, जानें क्या इसका मकसद?
- Shiv Kumar
- 06 Feb, 2026
गौतमबुद्धनगर में जल सुरक्षा और जन सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में जिले के प्रमुख घाटों, धार्मिक स्थलों और जल पर्यटन क्षेत्रों में जल पुलिस चौकियों की स्थापना की योजना तैयार की गई है। इसका उद्देश्य नदी, नहर और जलाशयों के आसपास होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना, अवैध गतिविधियों पर नजर रखना और आपात स्थिति में त्वरित बचाव कार्य सुनिश्चित करना है। प्रस्ताव के अनुसार कमिश्नरेट क्षेत्र में छह स्थानों पर जल पुलिस चौकियां स्थापित की जाएंगी, जिससे भीड़भाड़ वाले आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
धार्मिक आयोजनों और भीड़ प्रबंधन पर रहेगा विशेष फोकस
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और सेंट्रल नोएडा जोन के अंतर्गत ओखला बैराज, कालिंदी कुंज, कुलेसरा, कामबक्शपुर, दादरी, दनकौर और रबूपुरा क्षेत्रों को इस योजना में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में छठ पूजा, कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा और अन्य धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। जल पुलिस चौकियों की स्थापना से भीड़ नियंत्रण, बैरीकेडिंग, नौकाओं के सुरक्षित संचालन और आपातकालीन बचाव कार्य को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
आधुनिक संसाधनों और प्रशिक्षित टीम से होगा संचालन
प्रत्येक जल पुलिस चौकी को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा। इसमें रबरयुक्त बचाव नौकाएं, प्रशिक्षित बोट चालक, सहायक चालक, स्थानीय गोताखोर और आपदा मित्र तैनात रहेंगे। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे किसी भी आकस्मिक घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। जरूरत पड़ने पर संबंधित चौकी में अतिरिक्त जनशक्ति भी तैनात की जा सकेगी। इससे नहरों, घाटों और पर्यटन स्थलों पर दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और बचाव कार्य तेजी से संभव हो सकेगा।
जल सुरक्षा को लेकर कमिश्नरेट की बड़ी पहल
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में शुरू की जा रही यह योजना जन सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इससे अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी और आपात स्थिति में लोगों को समय पर सहायता मिल सकेगी। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को भी इससे काफी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि त्योहारों और छुट्टियों के दौरान अक्सर जल क्षेत्रों के पास भीड़ बढ़ने से जोखिम भी बढ़ जाता है। अब इस पहल से सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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