स्क्रैप माफिया रवि काना को तलाश रही पुलिस, मिला अहम सुराग, जिस गाड़ी में बैठकर भागा, दिखी वो कार

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बांदा जेल से बाहर आने के बाद लापता स्क्रैप माफिया रवि काना की तलाश तेज, नोएडा पुलिस की छह टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। वाहन और नेटवर्क की जांच के बाद जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।

बांदा जेल से बाहर निकलने के बाद लापता हुए कुख्यात स्क्रैप माफिया रवि काना का अब तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। हालांकि जांच में यह संकेत मिले हैं कि वह अभी देश से बाहर नहीं गया है। इसी आधार पर नोएडा पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस की छह विशेष टीमें अलग-अलग इलाकों में सक्रिय हैं और गैंग से जुड़े लोगों की भी निगरानी की जा रही है, ताकि माफिया सरगना तक पहुंचा जा सके।


जेल से निकलते ही गायब, वाहनों की तलाश में जुटी पुलिस
जेल से बाहर निकलने के बाद रवि काना की सटीक लोकेशन पुलिस को नहीं मिल पा रही थी, लेकिन अब कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि जिस कार में वह जेल परिसर से निकला था, वह वाहन बाद में एक स्थान पर देखा गया। इसके अलावा उस दिन जेल के बाहर मौजूद अन्य वाहनों की भी पहचान की जा रही है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स के जरिए पूरे मूवमेंट को ट्रेस करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि वाहन मालिकों और ड्राइवरों से भी पूछताछ की जा रही है, जिससे फरार आरोपी तक पहुंचने में मदद मिल सके।


18 सदस्यों वाला संगठित गिरोह, कई जिलों में केस दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रवि काना गैंग नंबर डी-190 का सरगना है और उसके गिरोह में कुल 18 सदस्य सक्रिय बताए जाते हैं। गैंग के खिलाफ गौतमबुद्धनगर सहित एनसीआर के कई जिलों में गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह स्क्रैप और सरिया कारोबार से अवैध कमाई करता था और कारोबारियों को डराने-धमकाने के अलावा चोरी और लूट जैसी घटनाओं को भी अंजाम देता रहा है। पुलिस का दावा है कि अपराध से अर्जित संपत्तियां परिजनों और सहयोगियों के नाम पर बेनामी रूप से दर्ज कराई गईं। अब पूरे नेटवर्क की भी जांच तेज कर दी गई है।


पुलिस रडार पर पूरा नेटवर्क, जल्द गिरफ्तारी का दावा
नोएडा पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रवि काना की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उसके सहयोगियों और करीबी संपर्कों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी और मानव खुफिया सूचनाओं के आधार पर जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल गैंग के सक्रिय सदस्यों की भी पहचान कर उन पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है, जिससे पूरे नेटवर्क को कमजोर किया जा सके।

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