नोएडा एयरपोर्ट का होगा एक्सटेंशन, दो से बढ़ाकर 5 रनवे पर बनी सहमति, 750 करोड़ का बजट मंजूर

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विस्तार इस वित्तीय वर्ष में तेज होगा। दो रनवे से बढ़ाकर पांच रनवे बनाने, रिसर्च व ऑपरेशन के लिए बजट और भूमि अधिग्रहण के साथ एयरपोर्ट संचालन जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में एविएशन सेक्टर को नई गति देने के लिए जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तार को इस वित्तीय वर्ष में तेज किया जा रहा है। सरकार ने एयरपोर्ट को दो रनवे से बढ़ाकर पांच रनवे तक विकसित करने की योजना को आगे बढ़ा दिया है। बजट में एविएशन रिसर्च, ऑपरेशन और रखरखाव के लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि भूमि अधिग्रहण के लिए 1100 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। फिलहाल एयरपोर्ट पर उत्तर दिशा का रनवे 3900 मीटर और दक्षिण दिशा का रनवे 4150 मीटर लंबा है, जिसे भविष्य की जरूरतों को देखते हुए और विस्तारित किया जाएगा।


पहले चरण का निर्माण पूरा, उद्घाटन की तैयारी तेज
एयरपोर्ट के पहले फेज का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और अब उद्घाटन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। टर्मिनल बिल्डिंग, एयरपोर्ट सर्विलांस रडार, नेविगेशन सिस्टम और यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े अधिकांश काम पूरे कर लिए गए हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी गतिविधियां बढ़ गई हैं। अधिकारियों के अनुसार अब सिर्फ एयरोड्रम लाइसेंस से जुड़ी औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं। एयरपोर्ट का पहला चरण करीब 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया गया है, जिससे प्रदेश में हवाई यात्रा और कारोबार दोनों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।


टर्मिनल से लेकर रनवे तक सभी प्रमुख सुविधाएं तैयार
एयरपोर्ट परिसर में एक्सिस रोड, ईंधन भंडारण टैंक, ऑपरेशन सेंटर, जल एवं सीवेज व्यवस्था, चेक पोस्ट, घरेलू टर्मिनल काउंटर, ई-गेट, बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, लाउंज, विमान पार्किंग एप्रन, कार्गो टर्मिनल, सोलर फार्म, एटीसी टावर, ग्राउंड हैंडलिंग वाहनों के लिए सीएनजी पंप और ईवी चार्जिंग स्टेशन समेत अधिकांश कार्य पूरे किए जा चुके हैं। टेक्सी-वे और नेविगेशन सिस्टम भी तैयार हैं। इससे एयरपोर्ट संचालन शुरू होते ही यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी और कार्गो मूवमेंट भी आसान होगा।


ट्रायल सफल, जल्द शुरू हो सकती हैं उड़ानें
एयरपोर्ट पर कई चरणों में ट्रायल भी सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। दिसंबर 2024 में इंडिगो के यात्री विमान की सफल लैंडिंग के बाद 2025 में भी छोटे विमानों के जरिए उपकरणों और रनवे का परीक्षण किया गया। एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी ने स्थानीय लोगों और कर्मचारियों को यात्री बनाकर चेक-इन, बोर्डिंग और बैगेज सिस्टम की भी जांच की। उद्घाटन के बाद यह उत्तर प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा और दिल्ली-एनसीआर के हवाई ट्रैफिक का बड़ा दबाव भी कम करेगा।

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