ग्रेटर नोएडा में रिश्तेदार बनकर किया फोन, इमरजेंसी बताकर मांगे पैसै, फिर समझ आया कि ठग गए यार
- Shiv Kumar
- 13 Feb, 2026
ग्रेटर नोएडा के दनकौर कस्बे में एक मजदूर को रिश्तेदार बनकर फोन करने वाले ठग ने 38 हजार रुपये की चपत लगा दी। घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच चिंता का माहौल है, क्योंकि ठगों द्वारा फोन कॉल के जरिए धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पीड़ित लख्मी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें शुक्रवार को एक अनजान नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को उनका दूर का रिश्तेदार बताया। बातचीत के दौरान आरोपी ने किसी जरूरी काम का हवाला देते हुए तुरंत पैसों की जरूरत बताई, जिससे पीड़ित भावनात्मक रूप से प्रभावित हो गया और उसने बिना ज्यादा जांच किए पैसे ट्रांसफर कर दिए।
कैसे रिश्तेदारी का भरोसा बनाकर ठग ने जाल में फंसाया
पीड़ित के मुताबिक, कॉल करने वाले ने परिवार की कुछ सामान्य जानकारी बताकर भरोसा जीत लिया। उसने कहा कि वह परेशानी में है और तुरंत पैसों की जरूरत है। मजदूर लख्मी ने मदद समझकर आरोपी के बताए खाते में पांच बार में कुल 38 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। पैसे भेजने के बाद उन्हें शक हुआ तो उन्होंने अपने असली रिश्तेदार से संपर्क किया। तब पता चला कि किसी ने भी उनसे पैसे नहीं मांगे थे। इसके बाद उन्हें समझ आया कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं। दोबारा कॉल करने पर आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया, जिससे मामला साफ हो गया कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
ठगी का अहसास होते ही पीड़ित सीधे कोतवाली पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच अब उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिस बैंक खाते और मोबाइल नंबर पर रकम ट्रांसफर हुई है, उसकी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही साइबर टीम भी सक्रिय कर दी गई है ताकि आरोपी का लोकेशन और पहचान पता लगाई जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर भरोसा कर पैसे ट्रांसफर करने से पहले पूरी तरह पुष्टि जरूर करें, क्योंकि इस तरह के साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं।
फोन फ्रॉड के मामलों में लगातार बढ़ोतरी से चिंता
इलाके में पिछले कुछ महीनों में फोन और ऑनलाइन ठगी के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। ठग अक्सर रिश्तेदारी, बैंक अधिकारी या सरकारी कर्मचारी बनकर लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में जल्दबाजी या भावनात्मक दबाव में लिया गया फैसला नुकसान का कारण बनता है। पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी आर्थिक मदद से पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर पुष्टि जरूर करें। जागरूकता ही इस तरह की ठगी से बचने का सबसे बड़ा उपाय मानी जा रही है।
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