नोएडा में ऑनलाइन बेटिंग ऐप से ठगी करने वाले छह गिरफ्तार, धमकी में इस्तेमाल मोबाइल भी बरामद

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नोएडा में एसटीएफ ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए ठगी करने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान स्कूलों को भेजे गए धमकी देने में इस्तेमाल मोबाइल भी बरामद कर लिया गया है। अब पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

नोएडा में एसटीएफ ने ऑनलाइन ठगी और स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान उनके कब्जे से वह मोबाइल फोन भी बरामद हुआ, जिसका इस्तेमाल नोएडा के स्कूलों को भेजे गए धमकी मेल से जुड़े रिकवरी ई-मेल के लिए किया गया था। गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से ऑनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए लोगों से ठगी कर रहे थे। सभी आरोपी फिलहाल अलग-अलग स्थानों पर किराये पर रहकर कॉल सेंटर जैसे सेटअप से काम कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद अब पूरे नेटवर्क और इसके विदेशी कनेक्शन की जांच तेज कर दी गई है।


धमकी मेल की जांच में खुला ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क

एसटीएफ की जांच में सामने आया कि जनवरी 2026 में जिले के कई स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल भेजे गए थे, जिसके बाद साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। तकनीकी जांच में पता चला कि मेल विदेश से भेजा गया, जबकि उससे जुड़े रिकवरी ई-मेल का कनेक्शन भारत और बांग्लादेश से जुड़ा मिला। आगे जांच करते हुए टीम ने गाजियाबाद क्षेत्र में एक ठिकाने की पहचान की, जहां बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। पूछताछ में पता चला कि आरोपी ऑनलाइन बेटिंग ऐप चलाकर अमेरिका, भारत और नेपाल के लोगों को निशाना बना रहे थे और फर्जी लोकेशन व वीपीएन का उपयोग कर ठगी को अंजाम दे रहे थे।


ऑनलाइन कॉल सेंटर की तरह चल रहा था पूरा गिरोह

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य विदेशी नामों से मिलती-जुलती ई-मेल आईडी बनाकर ग्राहकों को ऑनलाइन निवेश के नाम पर बेटिंग ऐप में पैसा लगाने के लिए प्रेरित करते थे। इसके लिए कॉल और मेल के जरिए लोगों को झांसे में लिया जाता था। आरोपियों में कुछ सदस्य विदेश से पढ़ाई कर चुके हैं और पहले कॉल सेंटर व टेक सपोर्ट कंपनियों में काम कर चुके हैं, जिससे उन्हें इस तरह के नेटवर्क चलाने का अनुभव मिला। पुलिस अब जब्त मोबाइल, लैपटॉप और डिजिटल रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि धमकी मेल भेजने वाले असली नेटवर्क और फंड फ्लो का पूरा पता लगाया जा सके।

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