नोएडा के भाई-बहन ने कर दिया कमाल-धमाल, विदेश में रच दिया इतिहास, पूरा मामला जान खुश हो जाएंगे आप!

top-news
नोएडा के जुड़वां भाई-बहन विधि और वैभव गुप्ता ने मस्कट में आयरनमैन 70.3 प्रतियोगिता सफलतापूर्वक पूरी कर सबसे कम उम्र के जुड़वां प्रतिभागियों के रूप में पहचान बनाई। उनकी उपलब्धि युवाओं को फिटनेस और खेलों की ओर प्रेरित कर रही है।

नोएडा के सेक्टर-28 में रहने वाले जुड़वां भाई-बहन विधि गुप्ता और वैभव गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर शहर का नाम रोशन किया है। दोनों ने अपने पिता मनीष गुप्ता के साथ ओमान की राजधानी मस्कट में आयोजित Ironman 70.3 Middle East Championship में भाग लेकर सबसे कम उम्र के जुड़वां प्रतिभागियों के रूप में इतिहास रचा। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को तैराकी, साइक्लिंग और दौड़ की कठिन चुनौती पार करनी होती है, जो मानसिक और शारीरिक मजबूती की सच्ची परीक्षा मानी जाती है।


कठिन ट्रायथलान में दिखाई अद्भुत सहनशक्ति और अनुशासन

आयरनमैन 70.3 प्रतियोगिता दुनिया की सबसे कठिन एंड्योरेंस ट्रायथलान रेसों में गिनी जाती है, जिसमें प्रतिभागियों को 1.9 किलोमीटर समुद्र में तैराकी, 90 किलोमीटर साइक्लिंग और 21.1 किलोमीटर हाफ मैराथन दौड़ पूरी करनी होती है। विधि और वैभव ने पूरी रेस को सफलतापूर्वक पूरा कर न केवल अपनी फिटनेस बल्कि मजबूत मानसिक तैयारी भी साबित की। इतनी कम उम्र में इस स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेना और उसे पूरा करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। दोनों ने बताया कि महीनों की कड़ी ट्रेनिंग, अनुशासित दिनचर्या और परिवार के समर्थन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।


पिता के साथ भागीदारी ने उपलब्धि को बनाया और खास

इस प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि दोनों भाई-बहन ने अपने पिता के साथ मिलकर इस अंतरराष्ट्रीय रेस में हिस्सा लिया, जिससे यह उपलब्धि परिवार के लिए और भी यादगार बन गई। मनीष गुप्ता ने बताया कि बच्चों की मेहनत और समर्पण ने उन्हें भी प्रेरित किया और परिवार ने इसे एक साझा लक्ष्य की तरह लिया। स्थानीय निवासियों और खेल प्रेमियों ने इस सफलता पर खुशी जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी उपलब्धियां युवाओं को फिटनेस, खेल और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करेंगी और शहर के अन्य बच्चों को भी बड़े सपने देखने की हिम्मत देंगी।


नोएडा के युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत

इस उपलब्धि के बाद शहर के खेल प्रेमियों में उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय कोचों और खेल संस्थानों का कहना है कि विधि और वैभव की सफलता से युवाओं में ट्रायथलान जैसे मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट के प्रति रुचि बढ़ेगी। दोनों भाई-बहन का लक्ष्य अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है। उनका कहना है कि मेहनत, धैर्य और लगातार अभ्यास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। परिवार को उम्मीद है कि भविष्य में वे और बड़ी प्रतियोगिताओं में देश और शहर का नाम रोशन करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *