नोएडा वालों के लिए खुशखबरी, अब दिल्ली का सफर होगा और आसान, योगी और रेखा सरकार की हो गई बातचीत, ये है नया प्लान
- Shiv Kumar
- 17 Feb, 2026
नोएडा शहर में बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होती दिख रही है। लोगों को जल्द राहत मिल सकती है क्योंकि दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और नोएडा प्रशासन के बीच बस संचालन को लेकर समझौते की तैयारी चल रही है। अभी भी कुछ डीटीसी बसें शहर के सीमित रूट तक आती हैं और हजारों यात्री रोज इसका लाभ उठाते हैं। अब योजना है कि बसों का दायरा बढ़ाकर आउटर सर्किल तक पहुंचाया जाए, ताकि दिल्ली से आने-जाने वाले यात्रियों को ज्यादा सुविधा मिल सके और निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो।
आउटर सर्किल में डीटीसी, सेक्टरों के लिए फीडर बस योजना
प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश के अनुसार, इस प्रस्ताव को लेकर शासन स्तर पर बातचीत हो चुकी है और जल्द दिल्ली सरकार के साथ अंतिम चर्चा के बाद फैसला लिया जा सकता है। अभी डीटीसी बसें डीएनडी फ्लाईवे से नोएडा में प्रवेश कर सीमित क्षेत्रों तक चलती हैं, लेकिन नई योजना के तहत इन्हें शहर के आउटर सर्किल तक ले जाने की तैयारी है। बसें बड़ी होने के कारण आउटर रूट पर चलेंगी, जबकि अंदरूनी सेक्टरों में छोटी फीडर बसें चलाई जाएंगी, जिससे ट्रैफिक जाम भी कम होगा और यात्रियों को घर के नजदीक से बस सेवा मिल सकेगी।
इनर सेक्टरों में चलेंगी ई-फीडर बसें, टेंडर प्रक्रिया फिर शुरू
प्राधिकरण की योजना के अनुसार इनर सेक्टरों के लिए फीडर बसें चलाई जाएंगी, जो ई-बस योजना के तहत उपलब्ध होंगी। पहले चरण में बड़ी संख्या में बसें मिलने की उम्मीद थी, लेकिन टेंडर प्रक्रिया पूरी न हो पाने से योजना अटक गई। अब दोबारा प्रक्रिया शुरू की जा रही है और पहले चरण में करीब 100 बसें नोएडा को मिल सकती हैं। इन बसों का संचालन सेक्टरों के अंदर किया जाएगा ताकि यात्रियों को मेट्रो स्टेशन या मुख्य बस रूट तक पहुंचने में आसानी हो। इससे रोजाना ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और आम नागरिकों को सीधा फायदा मिलेगा।
लाखों यात्रियों को मिलेगा फायदा, ट्रैफिक दबाव भी घटेगा
नोएडा में फिलहाल पब्लिक ट्रांसपोर्ट के नाम पर मेट्रो प्रमुख साधन है, जबकि शहर के अंदर सिटी बस सेवा की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही है। नई योजना लागू होने पर आउटर सर्किल में डीटीसी बस और अंदरूनी सेक्टरों में फीडर बसें चलेंगी, जिससे शहर के लाखों यात्रियों को सीधी राहत मिलेगी। अनुमान है कि रोजाना 2 से 3 लाख लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इससे निजी वाहनों की संख्या कम होगी और ट्रैफिक दबाव भी घटेगा।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






