नोएडा सेक्टर-61 से जुड़ेगा ग्रेटर नोएडा वेस्ट, बनेंगे 4 नए स्टेशन, आरआरटीएस को किया जाएगा कनेक्ट

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नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक मेट्रो विस्तार योजना को तेजी मिल रही है। नया कॉरिडोर आरआरटीएस से भी जुड़ेगा, जिससे यात्रियों को जाम से राहत और एयरपोर्ट सहित विभिन्न शहरों तक बेहतर सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

नोएडा शहर और आसपास के इलाकों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच मेट्रो विस्तार की योजना अब जमीन पर उतरती दिख रही है। नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक मेट्रो विस्तार की तैयारी तेज हो गई है, जिससे हजारों दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस रूट में सेक्टर-61 को कॉमन स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की सेवाएं जुड़ेंगी। इससे दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच यात्रा और आसान हो जाएगी। प्राधिकरण का मानना है कि इस परियोजना से निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी और सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलेगी।


सेक्टर-61 बनेगा बड़ा जंक्शन, आरआरटीएस से भी जुड़ेगा रूट

नई योजना के तहत सेक्टर-61 स्टेशन को जंक्शन की तरह विकसित किया जाएगा, जहां से यात्री अलग-अलग रूट की मेट्रो पकड़ सकेंगे। यह रूट आगे चलकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 स्टेशन पर प्रस्तावित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम से भी जुड़ेगा, जिसे National Capital Region Transport Corporation विकसित कर रही है। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट और दूसरे शहरों तक तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। रोजाना जाम झेलने वाले लोगों के लिए यह बड़ी राहत साबित हो सकती है। प्रशासन का दावा है कि इस लाइन के चालू होने से लाखों यात्रियों को समय और खर्च दोनों में फायदा मिलेगा, खासकर ऑफिस और व्यापारिक यात्रा करने वालों को।


करीब छह किलोमीटर लाइन, चार नए स्टेशन होंगे शामिल

प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश के अनुसार, इस विस्तार परियोजना की डीपीआर तैयार है और मामूली संशोधन के बाद इसे दोबारा कैबिनेट मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। करीब छह किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-123 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 स्टेशन शामिल होंगे। पूरा ट्रैक एलिवेटेड होगा ताकि सड़क यातायात प्रभावित न हो। इस रूट से गौड़ चौक और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जहां रोजाना लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिलता है। अधिकारियों का अनुमान है कि इससे करीब सवा लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।


कम लागत में ज्यादा यात्रियों को फायदा, जल्द हो सकता है शिलान्यास

परियोजना की खास बात यह भी है कि अपेक्षाकृत कम लागत में अधिक यात्रियों को जोड़ा जा सकेगा। निर्माण लागत केंद्र और राज्य सरकार के साथ नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण मिलकर वहन करेंगे। साथ ही ग्रेटर नोएडा डिपो से अन्य रूटों के विस्तार का काम भी समानांतर चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार टोपोग्राफी सर्वे और डिजाइन कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अगले महीने दोनों परियोजनाओं का एक साथ शिलान्यास होने की संभावना है। इससे क्षेत्र में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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