नोएडा एयरपोर्ट परिसर में उड़ा संदिग्ध ड्रोन, लगातार दो दिन दिखा तो पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

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जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर के ऊपर संदिग्ध ड्रोन उड़ने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्रतिबंधित क्षेत्र में ड्रोन दिखने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और संभावित संचालकों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर के ऊपर संदिग्ध ड्रोन उड़ने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार दो दिनों तक एयरपोर्ट सीमा के ऊपर ड्रोन देखे जाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एयरपोर्ट निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और ऐसे समय में प्रतिबंधित क्षेत्र के ऊपर ड्रोन उड़ना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ड्रोन किसने और किस मकसद से उड़ाया।


लगातार दो दिन ड्रोन दिखने से बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता

घटना की शिकायत एयरपोर्ट परिसर में तैनात निजी सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी ने पुलिस से की। शिकायत में बताया गया कि बीते दो-तीन दिनों से रनहेरा-कुरैब गांव की दिशा से ड्रोन उड़ते हुए आते और एयरपोर्ट की सीमा के ऊपर कुछ देर मंडराकर वापस लौट जाते थे। चूंकि एयरपोर्ट क्षेत्र पूरी तरह नो-फ्लाई जोन घोषित है, इसलिए बाहरी ड्रोन का प्रवेश नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। सुरक्षा टीमों ने आसपास के क्षेत्रों में जांच शुरू कर दी है और संभावित संचालकों की तलाश की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


जांच में जुटी पुलिस, शादी समारोहों से जुड़ा हो सकता है मामला

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीन दिन पहले एयरपोर्ट प्रशासन ने खुद अपनी सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए ड्रोन उड़ाए थे, लेकिन हाल में देखे गए ड्रोन उनसे अलग बताए जा रहे हैं। मामले की जांच की निगरानी कर रहे सार्थक सेंगर ने बताया कि आसपास के गांवों में हाल ही में शादी समारोह हुए हैं, जहां वीडियो शूट के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाता है। आशंका है कि कोई ड्रोन गलती से प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच गया हो। हालांकि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जारी है।


एयरपोर्ट के फाइनल चरण में सुरक्षा और सख्ती की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के अंतिम निर्माण चरण में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होनी चाहिए। आने वाले समय में एयरपोर्ट संचालन शुरू होने पर ड्रोन गतिविधियों को लेकर और सख्ती जरूरी होगी। प्रशासन अब आसपास के गांवों में भी जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रहा है ताकि लोग अनजाने में भी प्रतिबंधित क्षेत्रों में ड्रोन न उड़ाएं। फिलहाल पुलिस संदिग्ध ड्रोन संचालक की पहचान करने में जुटी हुई है।

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