जेवर-खादर में तीन साल पहले बना महिला डिग्री कॉलेज, आज तक नहीं हो सका चालू, सपा नेताओं ने उठाए सवाल

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ग्रेटर नोएडा के जेवर खादर में तीन साल पहले बना राजकीय महिला डिग्री कॉलेज अब तक शुरू नहीं हुआ है। सपा नेता नरेंद्र नागर ने वीडियो जारी कर सरकार से कॉलेज का शीघ्र उद्घाटन और पढ़ाई शुरू कराने की मांग की है।

ग्रेटर नोएडा के जेवर खादर क्षेत्र में तीन साल पहले बनकर तैयार हुआ राजकीय महिला डिग्री कॉलेज अब तक शुरू नहीं हो सका है। इस मुद्दे को लेकर नरेंद्र नागर ने एक वीडियो जारी कर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कॉलेज का भवन पूरी तरह तैयार है, लेकिन आज तक यहां पढ़ाई शुरू नहीं की गई है। उन्होंने पूछा कि जब इमारत बन चुकी है और बुनियादी ढांचा तैयार है, तो फिर संचालन में देरी क्यों हो रही है। क्षेत्र के लोग भी इस सवाल को लेकर परेशान हैं, क्योंकि बेटियों की उच्च शिक्षा का सपना अधूरा पड़ा है। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे ने फिर से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को तेज कर दिया है।


बेटियों की पढ़ाई घोषणाओं तक सीमित?

सपा नेता नरेंद्र नागर ने अपने बयान में कहा कि क्या जेवर और आसपास के गांवों की बेटियों की पढ़ाई सिर्फ शिलान्यास और घोषणाओं तक ही सीमित रह जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे का जिक्र करते हुए मांग की कि कॉलेज का जल्द से जल्द उद्घाटन कर नियमित कक्षाएं शुरू की जाएं। उनका कहना है कि स्थायी प्राध्यापकों की नियुक्ति, जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था और प्रवेश प्रक्रिया में हो रही देरी समझ से परे है। तीन साल से बंद पड़े इस कॉलेज को लेकर क्षेत्र की छात्राओं और अभिभावकों में निराशा है। अगर समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो कई छात्राएं मजबूरी में अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो सकती हैं।


दूर शहरों का रुख कर रहीं छात्राएं

स्थानीय लोगों के अनुसार, उच्च शिक्षा के लिए कई छात्राओं को दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है और कई बार सुरक्षा व आवागमन की दिक्कतें भी सामने आती हैं। कुछ छात्राएं दूरी और संसाधनों की कमी के कारण आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पातीं। नरेंद्र नागर ने कहा कि शिक्षा कोई चुनावी वादा नहीं, बल्कि हर बच्चे का अधिकार है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कॉलेज को तत्काल प्रभाव से शुरू कर क्षेत्र की बेटियों को उनका हक दिया जाए। अब देखना यह होगा कि इस मुद्दे पर सरकार और प्रशासन क्या कदम उठाते हैं।

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