नोएडा में एकाउंटेंट ने अपनी ही कंपनी को लगाया तगड़ा चूना, सात साल 85 लाख रुपये कर दिए पार, मालिक को पता चला तो हो गया शॉक्ड, दर्ज कराया मुकदमा

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नोएडा के सेक्टर-63 में एक कंपनी के अकाउंटेंट पर 85 लाख रुपये गबन करने का आरोप लगा है। जीएसटी भुगतान के नाम पर भेजी गई रकम विभाग में जमा नहीं की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।

नोएडा के सेक्टर-63 थाना क्षेत्र में एक कंपनी के निदेशक ने अपने पूर्व अकाउंटेंट पर करीब 85 लाख रुपये के गबन का आरोप लगाया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला सेक्टर-63 स्थित जैगोन ग्रुप से जुड़ा है, जहां आरोपी करीब छह साल तक अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत था।


जीएसटी भुगतान के नाम पर भेजी गई थी 1.35 करोड़ की रकम

कंपनी के निदेशक रमन दीवान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि दिल्ली के खिचड़ीपुरी निवासी रोहित मुरालिया वर्ष 2019 से 2025 तक कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत था। उसे जीएसटी की गणना, भुगतान और कंपनी के लेखा-जोखा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। शिकायत के अनुसार, जीएसटी कार्यालय में कर जमा कराने के लिए समय-समय पर चेक और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से करीब 1.35 करोड़ रुपये रोहित मुरालिया के दो बैंक खातों में भेजे गए। जांच में सामने आया कि इनमें से केवल 50 हजार रुपये ही जीएसटी के रूप में जमा किए गए, जबकि करीब 85 लाख रुपये विभाग में जमा नहीं किए गए। आरोप है कि शेष रकम का गबन कर लिया गया।


जीएसटी नोटिस के बाद खुली परतें

कंपनी को शुरुआत में कुछ भुगतान की रसीदें मिलती रहीं, जिससे संदेह नहीं हुआ। लेकिन बाद में जीएसटी विभाग से कई अवधियों के कर बकाया होने के नोटिस मिले। नोटिस मिलने के बाद कंपनी ने आंतरिक जांच शुरू की। जांच में पता चला कि जो रकम जीएसटी भुगतान के लिए भेजी गई थी, वह विभाग में जमा ही नहीं की गई। इससे कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।


फर्जी ओवरटाइम और बिल भी लगाए

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी ओवरटाइम तैयार किया और कंपनी को फर्जी बिल भेजे। इन बिलों के आधार पर भुगतान भी लिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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