यादव जी की लव स्टोरी पर हंगामा, भारतीय किसान यूनियन के किसानों ने किया जोरदार प्रदर्शन, प्रदेश अध्यक्ष बोले- हमारे समाज को अपमानित करने वाली फिल्म

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नोएडा में भारतीय किसान यूनियन (क्रांति) ने “यादव जी की लव स्टोरी” फिल्म के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया। संगठन ने फिल्म निर्माताओं पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की और चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने पर आंदोलन किया जाएगा। कार्यक्रम में कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

नोएडा में 21 जनवरी 2026 को भारतीय किसान यूनियन (क्रांति) के बैनर तले “यादव जी की लव स्टोरी” फिल्म के विरोध में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया गया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर फिल्म के नाम और विषयवस्तु पर आपत्ति जताई और इसे समाज विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष परविन्दर सिंह यादव ने साफ कहा कि किसी भी जाति या समाज के नाम का इस तरह इस्तेमाल करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते शासन-प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया तो संगठन व्यापक आंदोलन करेगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


फिल्म निर्माताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग

प्रदेश अध्यक्ष ने मंच से कहा कि फिल्म के निर्माता, निर्देशक, हीरो, हीरोइन और संबंधित गायक सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उनका कहना था कि समाज की भावनाओं से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस तरह की फिल्मों पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए जाएं, ताकि भविष्य में कोई भी समुदाय विशेष को केंद्र में रखकर विवादित सामग्री तैयार न करे। संगठन के नेताओं ने कहा कि यदि प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाया तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की और ज्ञापन सौंपने की भी बात कही।


प्रेरणादायक और सामाजिक मूल्यों वाली फिल्मों की अपील

प्रदेश अध्यक्ष ने फिल्म उद्योग से अपील की कि वे धार्मिक, ऐतिहासिक और राष्ट्रभक्ति से जुड़े विषयों पर फिल्में बनाएं, जो समाज को सकारात्मक संदेश दें। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण, राव तुला राम, कृष्ण-सुदामा, आल्हा-ऊदल और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर फिल्में बननी चाहिए, ताकि नई पीढ़ी को प्रेरणा मिले। उन्होंने फिल्मों में अशोभनीय परिधान और भ्रामक प्रस्तुतियों पर भी रोक लगाने की बात कही। उनका कहना था कि सिनेमा समाज का आईना होता है, इसलिए इसमें ऐसे कंटेंट को बढ़ावा दिया जाना चाहिए जिसे पूरा परिवार साथ बैठकर देख सके। कार्यक्रम में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारी मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में फिल्म का विरोध किया।

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