नोएडा वालों के लिए खुशखबरी, UPSRTC चलाएगा 100 नई बसें, जल्द तय किए जाएंगे रूट, सफर होगा आसान

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नोएडा में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए 100 सिटी बसें चलाई जाएंगी। ग्रेटर नोएडा और जेवर एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। राज्य परिवहन निगम बसों का संचालन करेगा। योजना से करीब पांच लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

नोएडा में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। जल्द ही शहर में 100 नई बसें चलाई जाएंगी, जिन्हें उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम संचालित करेगा। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने बताया कि इस योजना के लिए एक विशेष प्रयोजन कंपनी बनाई जाएगी, जो रूट और संचालन की रूपरेखा तय करेगी। जब तक नई बसें पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो जातीं, तब तक 50 बसें वैकल्पिक रूप से चलाई जाएंगी। बाद में इन बसों को हटा लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से शहर में निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।


मुख्य रूटों पर 20-20 बसें, जेवर तक सीधा सफर

योजना के तहत दो से तीन प्रमुख रूटों पर शुरुआत में करीब 20-20 बसें चलाई जाएंगी। इनमें नोएडा से ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे मार्ग, नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा शहर का रूट शामिल होगा। तीसरा अहम रूट नोएडा से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक होगा, जिससे एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को सीधी सुविधा मिलेगी। अभी शहर में मेट्रो के अलावा मुख्य रूप से टेंपो और ई-रिक्शा पर ही लोग निर्भर हैं। ऐसे में सिटी बस सेवा शुरू होने से आम लोगों को सस्ता और व्यवस्थित विकल्प मिलेगा। इससे ट्रैफिक दबाव कम होने की भी उम्मीद है।


पांच लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

इस योजना के संचालन के लिए विशेष प्रयोजन कंपनी में नोएडा प्राधिकरण के जीएम स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। रूट तय करने से पहले विस्तृत बैठक की जाएगी और उसी के अनुसार बस स्टैंड विकसित किए जाएंगे। बसों का संचालन उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा किया जाएगा और चालक-परिचालक भी निगम के ही होंगे। राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहायता दी जाएगी, जबकि प्राधिकरण समन्वय और बसों की पार्किंग व अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध कराएगा। अधिकारियों का अनुमान है कि इन बसों के शुरू होने से करीब पांच लाख लोगों को सीधा फायदा होगा। जब तक मेट्रो और क्षेत्रीय रैपिड रेल जैसी परियोजनाएं पूरी नहीं होतीं, तब तक यह सेवा शहर के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है।

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