समाजवादी छात्रसभा ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी को दिया अल्टीमेटम, चायनीज रोबोट विवाद में 29 को ताला जड़ने की चेतावनी

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गलगोटिया यूनिवर्सिटी के ‘रोबोट डॉग’ विवाद को लेकर समाजवादी छात्र सभा ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है। छात्र संगठन ने आरोप लगाया कि विदेशी रोबोट को स्वदेशी बताकर पेश किया गया। 28 फरवरी तक कार्रवाई न होने पर आंदोलन और ताला जड़ने की चेतावनी दी गई है।

ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी में ‘रोबोट डॉग’ को लेकर उठा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। समाजवादी छात्र सभा (ग्रेटर नोएडा) ने मंगलवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन और स्थानीय शासन को खुली चेतावनी दी है। मामला दिल्ली में आयोजित एआई समिट से जुड़ा है, जहां यूनिवर्सिटी ने एक रोबोटिक डॉग का प्रदर्शन किया था और उसे अपने शोध व स्वदेशी तकनीक का नतीजा बताया था। हालांकि बाद में सामने आया कि संबंधित रोबोट चीन निर्मित था। इस खुलासे के बाद छात्र संगठन ने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए सवाल खड़े किए हैं। यूनिवर्सिटी की साख और देश की छवि को लेकर अब यह मुद्दा स्थानीय स्तर से निकलकर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।


फर्जीवाड़े का आरोप, कड़ी कार्रवाई की मांग

समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मोहित नागर ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का मान गिराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर किसी विदेशी उत्पाद को अपना शोध बताकर पेश किया गया है, तो यह केवल संस्थान ही नहीं बल्कि देश की छवि के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में एक अध्यापक के निष्कासन को महज औपचारिक कार्रवाई बताया जा रहा है, जबकि असली जिम्मेदारी प्रबंधन की है। छात्र संगठन ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं शिक्षा संस्थानों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं।


28 फरवरी तक कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन

छात्र सभा ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि इस मुद्दे पर पहले भी धरना-प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि 28 फरवरी तक यूनिवर्सिटी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती, तो कार्यकर्ता मुख्य गेट पर ताला जड़ने का कदम उठाएंगे। इसके साथ ही बड़े जन-आंदोलन की भी तैयारी की बात कही गई है। फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विवाद ने कैंपस और आसपास के इलाके में हलचल जरूर बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

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