यमुना विकास प्राधिकरण की तर्ज पर मिलेगा न्यू नोएडा का मुआवजा, 7 फीसदी विकसित जमीन देने की तैयारी, शासन स्तर पर होगा निर्णायक फैसला

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न्यू नोएडा परियोजना के तहत 80 गांवों की जमीन अधिग्रहण की तैयारी है। किसानों को यमुना प्राधिकरण की तर्ज पर मुआवजा और 7 प्रतिशत विकसित भूमि दी जाएगी। चार चरणों में 209.11 वर्ग किमी क्षेत्र में नया शहर बसाने का मास्टर प्लान तैयार है।

न्यू नोएडा बसाने की दिशा में बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। करीब 80 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा और किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया तय की जा रही है। प्राधिकरण के अनुसार मुआवजा दर यमुना विकास प्राधिकरण की तर्ज पर तय हो सकती है। वहां फिलहाल 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर लागू है, जिसमें बढ़ोतरी की संभावना भी जताई जा रही है। इसके साथ ही अधिग्रहित जमीन के बदले किसानों को 7 प्रतिशत विकसित भूमि देने का प्रस्ताव तय माना जा रहा है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद ही अंतिम दर लागू होगी। न्यू नोएडा को 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किया जाना है, जिसके लिए अक्टूबर 2024 में अधिसूचना जारी की जा चुकी है।


हाइब्रिड मॉडल से होगा अधिग्रहण

प्राधिकरण ने लखनऊ में प्रस्तुतीकरण देकर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया समझाई थी। इसमें पारंपरिक और हाइब्रिड मॉडल के विकल्प पर चर्चा हुई। अधिकारियों का कहना है कि इन मॉडलों के जरिये चरणबद्ध तरीके से जमीन ली जाएगी, ताकि विकास कार्य समय पर शुरू हो सके। सीईओ कृष्णा करुणेश ने संकेत दिए हैं कि मुआवजा दर को किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए तय किया जाएगा। साथ ही नोएडा प्राधिकरण में भी मुआवजा दर बढ़ाने पर विचार चल रहा है। स्पष्ट है कि सरकार इस परियोजना को संतुलित और सहमति आधारित तरीके से आगे बढ़ाना चाहती है, ताकि किसानों और विकास दोनों के हित सुरक्षित रहें।


चार चरणों में विकसित होगा नया शहर

न्यू नोएडा का मास्टर प्लान चार फेज में लागू किया जाएगा। वर्ष 2023-27 के बीच 3165 हेक्टेयर, 2027-32 में 3798 हेक्टेयर, 2032-37 में 5908 हेक्टेयर और 2037-41 तक 8230 हेक्टेयर भूमि विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। सामरिक दृष्टि से यह क्षेत्र बेहद अहम माना जा रहा है, खासकर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और जीटी रोड के आसपास का इलाका। शुरुआती चरण में जोखाबाद और सांवली जैसे गांवों की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में शामिल हो सकती है। गांवों के प्रधानों से बातचीत कर सहमति बनाने की योजना है। सूत्रों के मुताबिक, डीएनजीआईआर (न्यू नोएडा) का अस्थायी कार्यालय भी इन्हीं गांवों में स्थापित किया जा सकता है।

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