भारतीय टीम के खिलाड़ी रिंकू सिंह के पिता की तबीयत बिगड़ी, ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में भर्ती, अब जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच खेलने को लेकर संशय, कोच बोले- गेम में रहेंगे रिंकू

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टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 मुकाबले से पहले रिंकू सिंह पिता की गंभीर बीमारी के कारण घर पहुंचे। फिलहाल उनके पिता ICU में भर्ती हैं। कोच के मुताबिक रिंकू जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच खेल सकते हैं। जानिए उनकी फॉर्म, संघर्ष और नेटवर्थ से जुड़ी पूरी कहानी।

टीम इंडिया के फिनिशर Rinku Singh 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 मुकाबले में खेलते नजर आ सकते हैं। उनके कोच मसूद-उज-जफर अमीनी के मुताबिक रिंकू बुधवार शाम तक टीम से जुड़ जाएंगे और अगर उन्हें अतिरिक्त खिलाड़ियों में नहीं रखा गया तो वे गुरुवार को मैदान में उतरेंगे। दरअसल, मंगलवार को वे अचानक अलीगढ़ लौटे थे क्योंकि उनके पिता खानचंद सिंह की तबीयत गंभीर हो गई थी। फोर्थ स्टेज लिवर कैंसर से जूझ रहे उनके पिता को ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमेगा-वन स्थित यथार्थ अस्पताल में ICU में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है और फिलहाल हालत स्थिर बताई जा रही है।


पिता की सेहत और टीम की जिम्मेदारी, दोनों साथ

मंगलवार सुबह करीब 10 बजे रिंकू अस्पताल पहुंचे और काफी देर तक पिता के साथ रहे। उन्होंने डॉक्टरों से इलाज और आगे की प्रक्रिया को लेकर विस्तार से जानकारी ली। परिवार के लिए यह मुश्किल वक्त है, लेकिन प्रोफेशनल जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी है। कोच का कहना है कि अगर रिंकू के खेलने की संभावना नहीं होती तो वे टीम में लौटते ही नहीं। मंगलवार को उन्होंने ट्रेनिंग सेशन मिस किया, जबकि बाकी खिलाड़ी नेट्स पर अभ्यास कर रहे थे। भारत के लिए यह मुकाबला अहम है, क्योंकि सेमीफाइनल की राह मजबूत करने के लिए बड़े अंतर से जीत जरूरी मानी जा रही है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट रिंकू के अनुभव को अहम मान रहा है।


फॉर्म, संघर्ष और लग्जरी लाइफ की कहानी

मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप में रिंकू का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। पांच मैचों में वे सिर्फ 24 रन बना सके हैं—स्कोर 6, 1, 11, 6 और 0 रहा। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वे खाता भी नहीं खोल पाए। हालांकि पाकिस्तान और नीदरलैंड के खिलाफ नाबाद रहे थे। छठे-सातवें नंबर पर उतरने वाले रिंकू को टीम फिनिशर की भूमिका देती है। अलीगढ़ में पले-बढ़े रिंकू का बचपन संघर्षों से भरा रहा। पिता सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे और घर के पांचों भाई मदद करते थे। क्लब क्रिकेट खेलने के पैसे नहीं थे तो सरकारी स्टेडियम में कार्ड बनवाकर अभ्यास किया। आज हालात बदले हैं—बीसीसीआई के ग्रेड-सी कॉन्ट्रैक्ट से सालाना एक करोड़ रुपये मिलते हैं और आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स ने 2026 सीजन के लिए उन्हें 13 करोड़ रुपये में रिटेन किया है। हाल ही में उनकी सगाई मछलीशहर की सांसद प्रिया सरोज से भी चर्चा में रही।

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