किसान एकता महासंघ ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से की वार्ता, किसानों की समस्याओं के निस्तारण की मांग
- Shiv Kumar
- 27 Feb, 2026
ग्रेटर नोएडा में किसान एकता महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात कर किसानों की लंबित समस्याओं को लेकर जोरदार तरीके से अपनी बात रखी। राष्ट्रीय संरक्षक बाली सिंह और राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश कसाना के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और कहा कि उनकी मांगों पर लंबे समय से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। संगठन के जिला अध्यक्ष अरविंद सैकेटरी ने बताया कि एक सप्ताह पहले भी सात सूत्रीय मांगों को लेकर ओएसडी मुकेश कुमार को मुख्य कार्यपालक अधिकारी के नाम ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट जवाब या निर्णय सामने नहीं आया। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
6 प्रतिशत भूखंड और आबादी सर्वे को लेकर प्रमुख मांगें
महासंघ की प्रमुख मांग अधिग्रहित भूमि के बदले 6 प्रतिशत आवासीय भूखंडों के आवंटन से जुड़ी है। यह मांग बादलपुर, बिसरख, सुनपुरा, बिरौड़ा, बैदपुरा, रिठौड़ी और सिरसा सहित दर्जनों गांवों के किसानों से संबंधित है। किसानों का कहना है कि बिना आबादी सर्वे और नक्शा तैयार किए ग्रामीण क्षेत्रों में 6 प्रतिशत भूखंड लगाए गए हैं, जिन्हें अन्य उपयुक्त स्थान पर समायोजित किया जाना चाहिए। इसके अलावा संगठन ने खेतीहर मजदूरों और भूमिहीन किसानों को 100 वर्गमीटर आवासीय भूखंड देने की भी मांग उठाई। पुरानी आबादियों का निस्तारण प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत सैटेलाइट सर्वे से कराने और लीजबैक व शिफ्टिंग के मामलों का जल्द समाधान करने पर भी जोर दिया गया। किसानों का कहना है कि जब तक इन मुद्दों का समाधान नहीं होगा, तब तक गांवों में असंतोष बना रहेगा।
स्थानीय युवाओं को रोजगार और मूलभूत सुविधाओं की मांग
महासंघ ने प्राधिकरण क्षेत्र में संचालित कंपनियों में स्थानीय युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार देने की मांग भी रखी। साथ ही शिक्षण संस्थानों में किसान परिवारों के बच्चों के लिए आरक्षण कोटा सुनिश्चित करने की बात कही गई। किसानों ने गांवों में बारात घर, खेल मैदान, मिनी स्टेडियम और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की। अधिकारियों ने सभी बिंदुओं पर चर्चा कर समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। बैठक में चौधरी बाली सिंह, रामानंद कसाना, राजेंद्र चौहान, रविंद्र चौधरी, रज्जाक ठेकेदार और सोनू कसाना सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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