नोएडा में युवती के सुसाइड मामले में नया मोड़, ब्लैकमेलिंग के नहीं मिले सबूत, परिजनों ने कहा- वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ऐंठे पैसे
- Shiv Kumar
- 28 Feb, 2026
नोएडा के सेक्टर-66 में 21 फरवरी को एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। युवती ने अपने आवास पर फांसी लगाकर जान दे दी थी। घटना के समय मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ था, जिसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। हालांकि 27 फरवरी को मृतका की बहन ने थाना फेज-3 में तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए। शिकायत में कहा गया कि युवती को ब्लैकमेल किया जा रहा था और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है और एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है।
परिजनों ने लगाए ब्लैकमेल और धमकी के आरोप
मृतका की बहन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वे मूल रूप से औरेया की रहने वाली हैं और वर्तमान में नोएडा में दो बहनों और एक भाई के साथ रह रही थीं। तीनों बहनें सेक्टर-64 स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करती थीं। शिकायत के अनुसार ग्यासी राजपूत, प्रीति सैनी और विपिन यादव नामक युवक-युवती पिछले कुछ समय से छोटी बहन को फोन कर परेशान कर रहे थे। आरोप है कि वे उसे ब्लैकमेल कर चुके थे और कई बार पैसों की मांग भी की गई। परिजनों का कहना है कि आरोपियों के पास कुछ निजी फोटो और वीडियो होने की बात कहकर डराया जा रहा था, जिससे युवती लगातार तनाव में थी।
पुलिस जांच में अब तक क्या सामने आया
एडीसीपी आर के गौतम ने बताया कि दर्ज मुकदमे के बाद मामले की गहन जांच की गई। अब तक की पड़ताल में ब्लैकमेलिंग से जुड़े ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं और न ही कोई आपत्तिजनक वीडियो या फोटो बरामद हुआ है। पुलिस ने नामजद आरोपियों में से ग्यासी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य दो की तलाश जारी है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि जिन युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है, वे युवती को पहले से जानते थे। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटा रही है और तकनीकी जांच भी की जा रही है।
आगे की कार्रवाई और परिवार की मांग
घटना के बाद परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार मानसिक दबाव और धमकियों के कारण ही युवती ने यह कदम उठाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में भावनात्मक पहलू के साथ-साथ तथ्यात्मक जांच भी जरूरी है। मोबाइल कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष होगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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