गलगोटिया यूनिवर्सिटी में तालाबंदी से पहले पुलिस अलर्ट, प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता

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ग्रेटर नोएडा में एआई समिट से जुड़े रोबोट विवाद को लेकर सपा छात्र सभा के कार्यकर्ताओं को गलगोटिया यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला दिया, जबकि छात्र सभा ने प्रशासन पर जवाब न देने का आरोप लगाया।

ग्रेटर नोएडा में शनिवार दोपहर उस समय माहौल गरमा गया जब समाजवादी पार्टी (सपा) छात्र सभा के कार्यकर्ताओं को गलगोटिया यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रदर्शन करने से पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। छात्र सभा के पदाधिकारी एआई समिट में हुए कथित रोबोट विवाद को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ तालाबंदी का कार्यक्रम घोषित कर चुके थे। पुलिस को पहले से सूचना मिल गई थी कि कार्यकर्ता दोपहर में यूनिवर्सिटी की ओर कूच करेंगे। इसी के चलते दनकौर कोतवाली पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। इस दौरान कुछ देर के लिए नारेबाजी भी हुई, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रही और किसी तरह की बड़ी अव्यवस्था नहीं हुई।


रास्ते में रोके गए जिलाध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ता

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सपा छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मोहित नागर और उनके साथ कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता यूनिवर्सिटी की ओर बढ़ रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने यूनिवर्सिटी के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी और कार्यकर्ताओं को पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का प्रदर्शन या तालाबंदी कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती है। इसलिए शांति बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया। दनकौर कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि सभी को थाने ले जाकर पूछताछ की गई और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।


छात्र सभा का आरोप, प्रशासन पर जवाब न देने का आरोप

सपा छात्र सभा के पदाधिकारियों का आरोप है कि एआई समिट के दौरान रोबोट से जुड़ा विवाद छात्रों और युवाओं की भावनाओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मामले पर कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया। इसी के विरोध में उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन और तालाबंदी की घोषणा की थी। दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना पूर्व अनुमति कोई भी संगठन धरना या तालाबंदी नहीं कर सकता। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को चेतावनी देकर छोड़ा जा सकता है, लेकिन भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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