ग्रेटर नोएडा में धूमधाम से मनाया गया किसान एकता संघ का 8वां स्थापना दिवस, संगठन विस्तार पर हुई चर्चा

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ग्रेटर नोएडा के दनकौर में किसान एकता संघ का आठवां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यकर्ताओं ने केक काटकर जश्न मनाया और किसानों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में संगठन की उपलब्धियों और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा की गई।

ग्रेटर नोएडा के दनकौर कस्बे में स्थित कैंप कार्यालय पर शुक्रवार को किसान एकता संघ का आठवां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने केक काटकर स्थापना दिवस का जश्न मनाया और किसानों के हितों के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और सभी ने संगठन की मजबूती के लिए एकजुट होकर काम करने की बात कही। आयोजन के दौरान किसानों से जुड़े मुद्दों और उनकी समस्याओं पर भी चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि संगठन लगातार किसानों की आवाज को मजबूती से उठाता रहा है और आगे भी इसी तरह किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखा जाएगा।


सभा में संगठन की उपलब्धियों पर हुई चर्चा

स्थापना दिवस के अवसर पर एक सभा का भी आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता बाबा मेहरबान अली ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यक्ष पप्पे नागर ने किया। सभा में किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरन प्रधान ने पिछले सात वर्षों के दौरान संगठन द्वारा किए गए कार्यों और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा किसानों, दमित और शोषित वर्ग की आवाज बनने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार संगठन ने किसानों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाकर उनके समाधान की दिशा में प्रयास किए हैं। सोरन प्रधान ने किसानों द्वारा संगठन पर जताए गए भरोसे के लिए सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यही विश्वास संगठन की सबसे बड़ी ताकत है।


भविष्य में किसानों की लड़ाई और मजबूती से लड़ी जाएगी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सोरन प्रधान ने कहा कि आने वाले समय में भी किसान एकता संघ किसानों के हक और अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ता रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने और गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसानों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और जब किसान संगठित होते हैं तो उनकी आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता। इस दौरान चौ. सोरन प्रधान, वीरेंद्र बैसोया, सलोनी जी, विक्रम नागर, पं. प्रमोद शर्मा, पप्पे नागर, बाबा मेहरबान अली, जेपी नागर, उम्मेद एडवोकेट, जगदीश शर्मा, ओमेंद्र खारी, सुमित चपरगढ़, जीतन नागर, संजय सैनी, संजीव चेची और सुमित लडपुरा सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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