नोएडा में सट्टाबाजी गैंग का भंडाफोड़, किराए पर फ्लैट लेकर भारत-इंग्लैंड के बीच मैच पर लगवा रहे थे सट्टा, पांच गिरफ्तार

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नोएडा के सेक्टर-113 क्षेत्र में पुलिस ने टी-20 वर्ल्ड कप मैचों पर सट्टा लगवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने हाईराइज फ्लैट से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 32 मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट समेत कई उपकरण बरामद किए हैं।

नोएडा पुलिस ने टी-20 वर्ल्ड कप मैचों पर सट्टा लगवाने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। थाना सेक्टर-113 पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे मैच पर ऑनलाइन सट्टा लगवा रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं। जानकारी के मुताबिक आरोपी सेक्टर-113 थाना क्षेत्र की एक हाईराइज सोसाइटी में फ्लैट किराए पर लेकर सट्टे का नेटवर्क चला रहे थे। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने करीब डेढ़ महीने पहले ही यह फ्लैट किराए पर लिया था और वहीं से क्रिकेट मैचों पर सट्टेबाजी का पूरा नेटवर्क ऑपरेट किया जा रहा था।


हाईराइज फ्लैट को बना रखा था मिनी कंट्रोल रूम

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फ्लैट को पूरी तरह मिनी कंट्रोल रूम की तरह तैयार कर रखा था। यहां से मोबाइल फोन, इंटरनेट और अलग-अलग ऑनलाइन माध्यमों के जरिए सट्टा खिलवाया जाता था। पुलिस को सूचना मिली थी कि इलाके में कुछ लोग क्रिकेट मैचों पर अवैध सट्टेबाजी कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर थाना सेक्टर-113 पुलिस ने छापेमारी की। छापे के दौरान आरोपी भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे मैच पर सट्टा लगवा रहे थे। पुलिस के मुताबिक ZOOM APP और ZOOM AUDIO के जरिए भी सट्टा संचालित किया जा रहा था, जबकि फोन कॉल के माध्यम से भी लोगों से संपर्क किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गैंग के सरगना विनय सहगल, नवदीप, राजीव शर्मा, सलिल सेठ और देव कुमार के रूप में हुई है।


32 मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट समेत कई उपकरण बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस ने 3 लैपटॉप, 3 टैबलेट, 32 मोबाइल फोन और एक प्रिंटर जब्त किया है। इन उपकरणों का इस्तेमाल सट्टे का हिसाब-किताब रखने और नेटवर्क से जुड़े लोगों से संपर्क करने के लिए किया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इतने अधिक मोबाइल फोन का उपयोग अलग-अलग नंबर और आईडी से सट्टा चलाने के लिए किया जा रहा था। फिलहाल पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि सट्टेबाजी का यह नेटवर्क कई शहरों तक फैला हो सकता है और इसमें बड़ी रकम का लेन-देन हुआ है।

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