सिक्योरिटी NOC के बाद अब नोएडा एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रम लाइसेंस, फ्लाइट संचालन का रास्ता 100 फीसदी साफ, जल्द शुरू होंगी उड़ानें

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जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को डीजीसीए से एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया है। इसके बाद एयरपोर्ट से उड़ान संचालन शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। यह नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।


ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। इस एयरपोर्ट को सिक्योरिटी अप्रूवल के बाद अब संचालन की प्रशासनिक मंजूरी भी मिल गई है। यानी जेवर में बन रहे इस एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया गया है, जिसके बाद यहां से उड़ान संचालन शुरू होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। यह लाइसेंस शुक्रवार शाम Directorate General of Civil Aviation (DGCA) की ओर से जारी किया गया है। एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद अब एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत की तैयारियां तेज हो जाएंगी। माना जा रहा है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जल्द ही यहां से उड़ान संचालन शुरू किया जा सकता है।


NIAL और YIAPL के लिए बड़ी उपलब्धि

एयरोड्रम लाइसेंस मिलना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) और यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। लंबे समय से इस परियोजना पर काम चल रहा था और अब लाइसेंस मिलने के साथ ही एयरपोर्ट संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम पूरा हो गया है। जेवर में बन रहा यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ा एविएशन हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


पश्चिमी यूपी को मिलेगा बड़ा फायदा

एयरपोर्ट शुरू होने के बाद Noida, Greater Noida और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र में निवेश, रोजगार और पर्यटन के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर के हवाई यातायात का दबाव भी कम होने की संभावना है। आने वाले समय में यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा।


देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की दिशा में परियोजना

जेवर में बन रहा Noida International Airport देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। पहले चरण में ही यहां लाखों यात्रियों को सेवा देने की क्षमता विकसित की जा रही है। भविष्य में इसे कई चरणों में विस्तार दिया जाएगा, जिससे इसकी क्षमता और भी बढ़ेगी। गौरतलब है कि हाल ही में एयरपोर्ट के रनवे, टर्मिनल और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का परीक्षण भी किया गया था। अब एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही यहां से पहली उड़ान भी शुरू हो सकती है।

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