गौतमबुद्धनगर में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जिला स्तरीय बैठक संपन्न, ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं को लाभ दिलाने की तैयारी
- Shiv Kumar
- 07 Mar, 2026
गौतमबुद्धनगर में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को तेजी से लागू करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने की। बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बैंक स्तर पर लंबित लोन मामलों को जल्द निपटाने पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि जिन उपभोक्ताओं ने सोलर रूफटॉप के लिए आवेदन किया है, उन्हें बिना देरी के योजना का लाभ मिल सके।
योजना के प्रचार-प्रसार और अधिक रजिस्ट्रेशन पर जोर
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के मुकाबले अधिक से अधिक लोगों का रजिस्ट्रेशन कराया जाए और निजी घरों की छतों पर ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूफटॉप प्लांट लगाए जाएं। इस दौरान अग्रणी बैंक प्रबंधक, यूपीनेडा के पंजीकृत वेंडर्स, नोडल अधिकारी (पीएम सूर्यघर योजना), बिजली विभाग और आरडब्ल्यूए-एओए प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों से कहा गया कि पात्र लाभार्थियों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कराने में मदद करें, ताकि जिले में ज्यादा से ज्यादा सोलर रूफटॉप प्लांट लगाए जा सकें। सीडीओ ने कहा कि यह योजना न केवल उपभोक्ताओं के बिजली बिल को कम करेगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
सोलर रूफटॉप पर मिल रहा आकर्षक अनुदान
बैठक में प्रभारी परियोजना अधिकारी लवेश कुमार सिसौदिया ने योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार सोलर रूफटॉप लगाने पर आकर्षक सब्सिडी दे रही हैं। योजना के तहत 1 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट पर करीब 45 हजार रुपये का अनुदान मिलता है, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 30 हजार और राज्य सरकार की ओर से 15 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसी तरह 2 किलोवाट पर करीब 90 हजार रुपये और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर लगभग 1 लाख 8 हजार रुपये तक का अनुदान मिल सकता है। उन्होंने बताया कि सोलर प्लांट लगाने की अनुमानित लागत करीब 60 हजार रुपये प्रति किलोवाट होती है, लेकिन अनुदान मिलने के बाद उपभोक्ता को काफी कम खर्च करना पड़ता है। सोलर पैनलों की उम्र लगभग 25 साल होती है और इससे बिजली बिल में दो तिहाई तक की बचत हो सकती है। आमतौर पर 3 से 4 साल में इसकी लागत भी निकल जाती है।
ऑनलाइन आवेदन और बैंक लोन की भी सुविधा
अधिकारियों ने बताया कि इच्छुक उपभोक्ता यूपीनेडा में पंजीकृत वेंडर के माध्यम से ही सोलर रूफटॉप प्लांट लगवा सकते हैं। प्लांट की कमीशनिंग के बाद अनुदान की राशि डीबीटी के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है। जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक से लोन भी ले सकते हैं। योजना में आवेदन के लिए इच्छुक लोग राष्ट्रीय पोर्टल https://pmsuryaghar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बैठक में जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी आशीष कुमार, जिला लीड बैंक प्रबंधक राजेश कटारिया, विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, यूपीनेडा के वेंडर्स और आरडब्ल्यूए-एओए के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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