दकनौर डायट में परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण पर दो दिवसीय कार्यशाला, शिक्षकों को किया गया जागरूक
- Shiv Kumar
- 13 Mar, 2026
ग्रेटर नोएडा के दनकौर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (एचपीसी) और रूब्रिक जैसे विषयों पर शिक्षकों को जागरूक करना था। शुक्रवार को कार्यशाला का समापन हुआ, जिसमें जिले के विभिन्न स्कूलों से आए शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई और शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि सर्वेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर आगे की शैक्षिक रणनीति कैसे तैयार की जा सकती है, ताकि विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को और बेहतर बनाया जा सके।
कक्षा 3, 6 और 9 के विद्यार्थियों की उपलब्धियों का किया गया विश्लेषण
कार्यशाला में राष्ट्रीय, उत्तर प्रदेश और गौतम बुद्ध नगर स्तर पर कक्षा 3, 6 और 9 के विद्यार्थियों की दक्षता आधारित उपलब्धियों के आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि इन आंकड़ों से यह समझने में मदद मिलती है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई में कहां सुधार की जरूरत है और किन विषयों में उनकी पकड़ मजबूत है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को यह भी बताया गया कि सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग करके स्कूलों में शिक्षण पद्धति को और प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे विद्यार्थियों की विषयवार समझ और सीखने की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
2027 के सर्वेक्षण की तैयारी के लिए शिक्षकों को किया गया जागरूक
संस्थान की प्राचार्या अर्चना गुप्ता ने कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनपद के राजकीय, बेसिक शिक्षा परिषद, सहायता प्राप्त तथा केंद्रीय विद्यालयों के शिक्षकों तक सर्वेक्षण की रिपोर्ट पहुंचाना है। साथ ही उन्हें आगामी परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2027 की तैयारी के लिए जागरूक करना भी है। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में नोडल अधिकारी भूपेंद्र सिंह और राजेश खन्ना ने परख डैशबोर्ड, नेशनल अचीवमेंट सर्वे (NAS) की रिपोर्ट तथा विभिन्न शैक्षिक चरणों की विषयवार दक्षताओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यक्रम में शिक्षकों को डेटा आधारित शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
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