ग्रेटर नोएडा में इसी साल शुरू होगा वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का कैंपस, प्राधिकरण से किराए पर ली बिल्डिंग, सौंपें परफॉर्मेंस गारंटी दस्तावेज
- Shiv Kumar
- 17 Mar, 2026
ग्रेटर नोएडा जल्द ही अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के नक्शे पर और मजबूत पहचान बनाने जा रहा है। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का पहला कैंपस इसी साल ग्रेटर नोएडा में शुरू होने वाला है। यह कैंपस ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण परिसर के टावर टू की 6वीं, 7वीं और 8वीं मंजिल पर स्थापित किया जाएगा। यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने प्राधिकरण को परफॉरमेंस गारंटी दस्तावेज सौंप दिए हैं और जल्द ही निर्माण व संचालन कार्य शुरू होने के संकेत दिए हैं। इस पहल को प्रदेश में ग्लोबल एजुकेशन हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्राधिकरण और यूनिवर्सिटी के बीच औपचारिक प्रक्रिया पूरी
सोमवार को नोएडा सेक्टर 16बी स्थित मैक्स टावर में आयोजित कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को जरूरी दस्तावेज सौंपे। यूनिवर्सिटी ने प्राधिकरण से सालाना करीब 86 लाख रुपये में तीन फ्लोर किराए पर लिए हैं। इस मौके पर यूनिवर्सिटी की प्रॉपर्टी एंड कमर्शियल ऑफिसर मैरियन जॉन्स समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। प्राधिकरण के अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि कैंपस को जल्द शुरू करने के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा, ताकि समय पर छात्रों के लिए सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
नई पीढ़ी के कोर्स, ग्लोबल एजुकेशन का मिलेगा फायदा
इस कैंपस में सस्टेनेबिलिटी, वॉटर मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिजनेस इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में पढ़ाई कराई जाएगी। पहले चरण में बिजनेस एनालिटिक्स, मार्केटिंग, डेटा साइंस और सस्टेनेबल वॉटर फ्यूचर्स जैसे कोर्स शुरू होंगे। दूसरे चरण में इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे विषय जोड़े जाएंगे। इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा अपने ही शहर में मिल सकेगी और उन्हें इंडस्ट्री के हिसाब से तैयार किया जा सकेगा।
ग्रेटर नोएडा बनेगा ग्लोबल एजुकेशन हब
प्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि इस कैंपस के शुरू होने से ग्रेटर नोएडा को एक ग्लोबल एजुकेशन और इनोवेशन हब के रूप में नई पहचान मिलेगी। इससे क्षेत्र में टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और उन्हें विदेश जाने की जरूरत भी कम होगी। यह कदम उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






