ग्रेटर नोएडा में टीबी मुक्त भारत एप व अर्बन वार्ड इनिशिएटिव का उद्घाटन, जेपी नड्डा ने शुरू किया 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान
- Shiv Kumar
- 25 Mar, 2026
ग्रेटर नोएडा में विश्व क्षय रोग दिवस के मौके पर ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां देश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान “टीबी मुक्त भारत ऐप (खुशी-e-नि:क्षय मित्र)” और टीबी फ्री अर्बन वार्ड इनिशिएटिव भी लॉन्च किए गए। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री Anupriya Patel और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रिजेश पाठक भी मौजूद रहे। इस पहल को देशभर में टीबी के खिलाफ जनआंदोलन बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
100 दिन का अभियान, जनभागीदारी से मिलेगा लक्ष्य को बल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि भारत सरकार 2026 तक टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यह 100 दिवसीय अभियान जनभागीदारी, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक सहयोग के जरिए इस लक्ष्य को तेज गति देगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस अभियान को सिर्फ सरकारी योजना न मानें, बल्कि इसे जनआंदोलन बनाएं। नड्डा ने यह भी कहा कि जब समाज का हर वर्ग इसमें भागीदारी करेगा, तभी टीबी जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकेगा।
घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा, लॉन्च हुआ नि:क्षय वाहन
इस मौके पर नि:क्षय वाहन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो टीबी मरीजों तक घर-घर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का काम करेगा। यह पहल उन मरीजों के लिए खास तौर पर मददगार साबित होगी, जो अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते। साथ ही टीबी पोषण अभियान पर भी जोर दिया गया, जिसका मकसद मरीजों के पोषण स्तर को बेहतर बनाना है। अधिकारियों के मुताबिक, बेहतर पोषण और समय पर इलाज से मरीजों के ठीक होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
यूपी में तेज रफ्तार से चल रहा अभियान, करोड़ों की स्क्रीनिंग
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश में टीबी उन्मूलन को जनआंदोलन बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 7 दिसंबर 2024 से 9 मार्च 2026 के बीच राज्य में 3 करोड़ 28 लाख से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यह आंकड़ा दिखाता है कि अभियान को जमीन स्तर पर कितनी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों की समय पर पहचान हो और उनका इलाज शुरू किया जा सके।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






