नोएडा में बेमौसम बारिश से किसानों का भारी नुकसान, डीएम मेधा रूपम ने किया फसलों का निरीक्षण

top-news
ग्रेटर नोएडा में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। डीएम मेधा रूपम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और सर्वे के निर्देश दिए। सरकार ने प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के आदेश जारी किए हैं।

ग्रेटर नोएडा में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों में चिंता का माहौल है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मेधा रूपम खुद मैदान में उतरीं और प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। जैसे ही नुकसान की सूचना प्रशासन तक पहुंची, तुरंत एक्शन लेते हुए सर्वे टीम गठित कर दी गई, ताकि फसलों के नुकसान का सही आकलन किया जा सके और किसानों को जल्द राहत मिल सके।


गांव पहुंचकर किया निरीक्षण, क्रॉप कटिंग से लिया जायजा

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने ग्राम पंचायत इनायतपुर पहुंचकर गेहूं की फसल की स्थिति का करीब से जायजा लिया। यहां उन्होंने क्रॉप कटिंग के जरिए नुकसान का वास्तविक आंकलन किया। खेतों में पकी हुई गेहूं की फसल तेज हवाओं और बारिश के कारण जमीन पर गिर चुकी है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सर्वे पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए और किसी भी प्रभावित किसान को नजरअंदाज न किया जाए। किसानों ने भी अपनी परेशानी डीएम के सामने रखी और जल्द मुआवजे की मांग की।


सरकार ने दिए मुआवजे के निर्देश, प्रशासन अलर्ट मोड में

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सर्वे रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार कर सरकार को भेजी जाए, ताकि राहत प्रक्रिया में देरी न हो। डीएम ने अधिकारियों को साफ कहा कि समय पर और सही रिपोर्ट देना बेहद जरूरी है, ताकि किसानों को जल्द सहायता मिल सके। इस पूरी प्रक्रिया पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।


किसानों को जल्द राहत देने की तैयारी, बढ़ी उम्मीद

इस निरीक्षण के बाद किसानों में थोड़ी उम्मीद जगी है कि उन्हें जल्द राहत मिलेगी। प्रशासन की सक्रियता से यह साफ है कि नुकसान का आकलन तेजी से किया जा रहा है और मुआवजे की प्रक्रिया भी जल्द शुरू हो सकती है। फिलहाल किसान अपनी फसलों को हुए नुकसान को लेकर चिंतित हैं, लेकिन उन्हें भरोसा है कि सरकार और प्रशासन की मदद से इस मुश्किल समय से उबरने में मदद मिलेगी। आने वाले दिनों में सर्वे रिपोर्ट के आधार पर राहत वितरण की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *