नोएडा प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में 5 प्रतिशत भूखंड पर स्पष्ट निर्णय नहीं, किसानों में नाराजगी
- Shiv Kumar
- 09 Apr, 2026
नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक के बाद एक बार फिर किसानों और प्राधिकरण के बीच विवाद की स्थिति बन गई है। बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा 5 प्रतिशत आबादी भूखंड को लेकर रही। इस मुद्दे पर कोई नया फैसला नहीं होने से किसानों में नाराजगी साफ तौर पर देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से लंबित इस मुद्दे पर ठोस निर्णय की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके चलते प्राधिकरण को स्थिति साफ करने के लिए स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा। दूसरी ओर, प्राधिकरण का कहना है कि कुछ फैसलों पर प्रक्रिया जारी है और सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस पूरे मामले ने एक बार फिर किसान और प्रशासन के बीच भरोसे की स्थिति को प्रभावित किया है और आने वाले समय में यह मुद्दा और गर्मा सकता है।
5 प्रतिशत आबादी भूखंड को लेकर क्या है स्थिति
5 प्रतिशत आबादी भूखंड का मुद्दा लंबे समय से किसानों के लिए सबसे अहम बना हुआ है। इस बार की बोर्ड बैठक में भी इस पर कोई नया निर्णय नहीं लिया गया, जिससे किसानों में असंतोष बढ़ गया है। प्राधिकरण ने साफ किया है कि फिलहाल भवन विनियमावली 2010 के अध्याय-6 के पुराने प्रावधान ही लागू रहेंगे। यानी अभी तक जो नियम चल रहे थे, उसी के तहत काम जारी रहेगा। हालांकि ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक प्रस्ताव जरूर सामने आया है। इसके तहत आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी, जिनकी समीक्षा एक समिति करेगी और उसके बाद ही कोई नई नीति लागू की जाएगी।
भूखंड आवंटन को लेकर क्या बनी योजना
बैठक में उन किसानों के मामलों पर भी चर्चा हुई, जिन्होंने 2010 से 2023 के बीच 5 प्रतिशत भूखंड के लिए धनराशि जमा की थी। ऐसे करीब 70 मामलों को लेकर प्राधिकरण ने कहा है कि इच्छुक किसानों की सहमति के आधार पर उन्हें भूखंड आवंटित किए जा सकते हैं। इसके लिए समतुल्य धनराशि लेने का प्रस्ताव है और संबंधित जमीन का विवरण तैयार किया जा रहा है। इससे उन किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने भूखंड का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि अभी यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में है और इसे लागू होने में थोड़ा समय लग सकता है।
मिश्रित उपयोग और नई नीतियों पर फैसले
बोर्ड बैठक में आवासीय और औद्योगिक भूखंडों के मिश्रित उपयोग को भी मंजूरी दी गई है। यह सुविधा केवल प्राधिकरण द्वारा आवंटित भूखंडों पर ही लागू होगी और निर्धारित नियमों के तहत ही इसका उपयोग किया जा सकेगा। इस फैसले से कुछ क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही प्राधिकरण का कहना है कि आने वाले समय में और भी नीतिगत सुधार किए जाएंगे, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुआवजा और किसानों के मुद्दों पर आगे की तैयारी
न्यू नोएडा क्षेत्र में भूमि क्रय दरों को यमुना विकास प्राधिकरण के बराबर करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है, जो किसानों के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। इसके अलावा अधिकारियों ने बताया कि किसानों के लंबित मुद्दों को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही अगली बोर्ड बैठक में इन मामलों पर ठोस समाधान पेश करने की योजना है। हालांकि मौजूदा स्थिति में किसान पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और वे जल्द स्पष्ट फैसले की मांग कर रहे हैं।
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