गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा नोएडा एयरपोर्ट, छह गांवों की जमीन अधिग्रहित होगी, किसान होंगे मालामाल
- Shiv Kumar
- 11 Apr, 2026
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी देने के लिए एक बड़ी योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार अब गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने के लिए 74 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कराने जा रही है। यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक सड़क नहीं बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का रास्ता भी खोल सकता है। खास बात यह है कि इस एक्सप्रेसवे के लिए किसानों की जमीन सहमति के आधार पर खरीदी जा रही है, जिससे विवाद की संभावना कम हो जाती है। सरकार की तरफ से भूमि अधिग्रहण के लिए 1204 करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने के बाद अब काम जमीन पर उतरता दिखाई दे रहा है। यमुना प्राधिकरण ने जेवर और खुर्जा तहसील के किसानों से बातचीत शुरू कर दी है और कई जगहों पर सहमति बनने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।
परियोजना की खासियत और इसका उद्देश्य
इस लिंक एक्सप्रेसवे का मुख्य उद्देश्य नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ना है ताकि आने-जाने में समय कम लगे और यातायात सुगम हो सके। अभी एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए यात्रियों को लंबा रास्ता तय करना पड़ सकता है, लेकिन इस नई सड़क के बन जाने से यात्रा काफी आसान हो जाएगी। यह एक्सप्रेसवे व्यापार, उद्योग और पर्यटन के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल माल परिवहन तेज होगा बल्कि आसपास के जिलों में निवेश के नए अवसर भी बढ़ेंगे। सरकार इसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित कर रही है ताकि आने वाले वर्षों में यातायात का दबाव आसानी से संभाला जा सके।
किसानों की जमीन सहमति से ली जाएगी
इस परियोजना की सबसे अहम बात यह है कि जमीन अधिग्रहण पूरी तरह से सहमति के आधार पर किया जा रहा है। गौतमबुद्ध नगर के 16 गांव और बुलंदशहर के 40 गांवों के किसानों से लगभग 740 एकड़ जमीन खरीदी जानी है। प्रशासन किसानों से लगातार बातचीत कर रहा है और उन्हें उचित मुआवजा देने का भरोसा दिया जा रहा है। इससे किसानों में भरोसा बना हुआ है और वे भी इस परियोजना का समर्थन करते नजर आ रहे हैं। सहमति आधारित प्रक्रिया होने के कारण जमीन अधिग्रहण में देरी की संभावना कम हो जाती है, जिससे परियोजना समय पर पूरी होने की उम्मीद बढ़ जाती है।
1204 करोड़ रुपये की मंजूरी से काम को मिली रफ्तार
हाल ही में सरकार ने भूमि अधिग्रहण के लिए 1204 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिससे इस परियोजना को नई गति मिली है। धनराशि मिलते ही यमुना प्राधिकरण ने जमीन खरीदने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। पहले जहां सिर्फ योजना बन रही थी, अब वहां जमीन स्तर पर काम शुरू होता दिख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे किसानों से सहमति मिलती जाएगी, वैसे-वैसे जमीन का अधिग्रहण पूरा किया जाएगा। इस बजट के जरिए सरकार ने साफ कर दिया है कि वह इस परियोजना को प्राथमिकता के तौर पर देख रही है और इसे जल्द पूरा करना चाहती है।
कई गांवों और सेक्टरों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
यह लिंक एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सीधी सड़क नहीं होगा, बल्कि यह कई गांवों और सेक्टरों को जोड़ते हुए निकलेगा। गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के कुल 56 गांवों के अलावा यह यमुना प्राधिकरण के 10 औद्योगिक और आवासीय सेक्टरों से होकर गुजरेगा। इससे इन क्षेत्रों का तेजी से विकास होगा और यहां रहने वाले लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। एक्सप्रेसवे के किनारे नए उद्योग, व्यापारिक केंद्र और आवासीय परियोजनाएं विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
20 किमी यमुना क्षेत्र में, 9 किमी एलिवेटेड रोड
इस एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा यमुना क्षेत्र में बनाया जाएगा, जिसकी लंबाई लगभग 20 किलोमीटर होगी। इसमें से करीब 9 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड बनाया जाएगा, यानी सड़क को जमीन से ऊपर उठाकर तैयार किया जाएगा। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और यात्रा और भी तेज और सुरक्षित बनेगी। एलिवेटेड रोड बनने से नीचे की जमीन का उपयोग अन्य विकास कार्यों के लिए भी किया जा सकेगा। यह तकनीक बड़े शहरों में पहले से सफल रही है और अब इसे इस परियोजना में भी अपनाया जा रहा है।
फिल्म सिटी और एयरपोर्ट के पास होगा कनेक्शन
यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे के स्याना क्षेत्र से शुरू होकर यमुना प्राधिकरण के सेक्टर 21 स्थित फिल्म सिटी के पास जाकर जुड़ेगा। यही से यह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बेहद करीब यमुना एक्सप्रेसवे से भी जुड़ जाएगा। इस कनेक्टिविटी से एयरपोर्ट तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। फिल्म सिटी के पास कनेक्शन होने से मनोरंजन और मीडिया इंडस्ट्री को भी बड़ा फायदा मिलेगा। आने वाले समय में यह इलाका एक बड़े आर्थिक हब के रूप में विकसित हो सकता है।
स्थानीय विकास और रोजगार के नए मौके
इस परियोजना के बनने से सिर्फ यातायात ही नहीं सुधरेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। एक्सप्रेसवे के आसपास नई इंडस्ट्री, वेयरहाउस, होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। जमीन देने वाले किसानों को भी मुआवजे के साथ-साथ भविष्य में जमीन की कीमत बढ़ने का लाभ मिल सकता है। इस तरह यह परियोजना हर स्तर पर लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
भविष्य में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल सकती है
अगर यह परियोजना समय पर पूरी हो जाती है, तो यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा बदल सकती है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से निवेश बढ़ेगा, उद्योग आएंगे और लोगों की आय में वृद्धि होगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेसवे और यह लिंक एक्सप्रेसवे मिलकर एक मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क तैयार करेंगे। इससे पूरे क्षेत्र की पहचान एक विकसित और आधुनिक क्षेत्र के रूप में बनेगी। सरकार का लक्ष्य है कि इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा कर आम जनता को इसका लाभ दिया जाए।
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