नोएडा में मजदूरों और उद्योंगों के बीच विवाद सुलझाने को लेकर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, हाई लेवल कमेटी गठित, जल्द निकलेगा समाधान
- Shiv Kumar
- 13 Apr, 2026
नोएडा में श्रमिकों और उद्यमियों के बीच बढ़ते विवादों को लेकर उत्तर प्रदेश शासन ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति का उद्देश्य श्रमिकों और उद्यमियों के बीच संवाद स्थापित कर विवादों का समाधान निकालना है। हाल ही में जिले में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन और तनावपूर्ण हालात को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके। बता दें कि आज उग्र मजदूरों ने वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ की थी। जिसके बाद सरकार ने 24 घंटे के भीतर समाधान निकालने के निर्देश दिए थे।
इन अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश करेंगे। समिति में अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग और प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग को सदस्य बनाया गया है। वहीं श्रम आयुक्त, उत्तर प्रदेश (कानपुर) को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा समिति में श्रमिक संगठनों के 5 प्रतिनिधि और उद्यमी संघों के 3 प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं, ताकि सभी पक्षों की बात सुनी जा सके।
जिले में पहुंची समिति, जल्द देगी रिपोर्ट
सूचना विभाग के अनुसार, यह समिति गौतम बुद्ध नगर पहुंच चुकी है और प्राथमिकता के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। समिति संबंधित पक्षों से बातचीत कर स्थिति का आकलन करेगी और अपनी रिपोर्ट जल्द ही शासन को सौंपेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे विवादों का समाधान निकल सकेगा।
औद्योगिक शांति बहाल करना मुख्य लक्ष्य
सरकार का उद्देश्य साफ है कि जिले में औद्योगिक माहौल को फिर से सामान्य किया जाए और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जाए। समिति के जरिए श्रमिकों की समस्याओं और उद्यमियों की चिंताओं को समझकर संतुलित समाधान निकाला जाएगा। प्रशासन ने सभी पक्षों से सहयोग की अपील की है, ताकि जिले में शांति और विकास का माहौल बना रहे।
आज मजदूरों ने की जमकर आगजनी व तोड़फोड़
नोएडा के सेक्टर 59 में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर श्रमिकों का गुस्सा भड़क गया। देखते ही देखते यह प्रदर्शन हिंसक हो गया और सैकड़ों कंपनियों को निशाना बनाया गया। शहर के कई औद्योगिक सेक्टरों में जमकर तोड़फोड़ की गई। दर्जन भर से अधिक गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। फेस 2, सेक्टर 59, 62, 63, 64 और 67 में हालात ज्यादा बिगड़े रहे। स्थिति को काबू में करने के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा में करीब 10 कंपनियों में पीएसी और आरएएफ की तैनाती की गई है। वहीं, एनईए द्वारा बनाए गए कंट्रोल रूम में अब तक सैकड़ों कंपनियों पर हमलों की पुष्टि हुई है।
पुलिस कमिश्नर और डीएम खुद मौके पर संभाल रहीं हालात
नोएडा में श्रमिकों के बवाल के बीच पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और जिलाधिकारी मेधा रूपम ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर हालात का लगातार जायजा ले रही हैं। अधिकारियों ने पुलिस बल को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं और उपद्रव करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने और आम लोगों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की है, ताकि स्थिति को जल्द सामान्य किया जा सके।
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