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'नोएडा की सड़कों पर निकल आओ, पेट्रोल बम बनाओ, आग लगाओ और पत्थर बरसाओ' वाट्सअप ग्रुप से हो गया पूरी साजिश का खुलासा, जानकर दंग रह जाएंगे आप

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नोएडा में फेक वीडियो और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए श्रमिकों को भड़काने की साजिश का खुलासा हुआ है। वॉट्सएप ग्रुपों में जिस तरह से हिंसा भड़काने की कोशिश की गई थी, जानकर हर कोई दंग है। आइए पूरा मामला जानते हैं।

नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन और हालिया हिंसा के बाद पुलिस लगातार एक्शन मोड में है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि पूरी साजिस वॉट्सएप ग्रुप पर की गई है। इन ग्रुपों में मेसेज लिखकर कहा गया है कि 'नोएडा की सड़कों पर निकल आओ, पेट्रोल बम बनाओ, आग लगाओ, पत्थर बरसाओ'। कुछ संगठित लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश की थी। उन्होंने बताया कि सोमवार को करीब 60% इंडस्ट्रीज खुल गई थीं और काम शुरू हो गया था, लेकिन देर रात फेक वीडियो और भ्रामक पोस्ट वायरल कर श्रमिकों को बरगलाने की कोशिश की गई।


व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर फैलाई गई अफवाहें

सीपी के मुताबिक, 12, 13 और 14 तारीख को कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए, जिनमें अलग-अलग फैक्ट्रियों के मजदूरों को जोड़ा गया। इन ग्रुप्स में श्रमिकों की समस्याओं से जुड़ी कोई बात नहीं की गई, बल्कि केवल हिंसा के लिए उकसाने वाले पोस्ट डाले गए। पुलिस जांच में सामने आया है कि इन ग्रुप्स को संगठित तरीके से ऑपरेट किया जा रहा था। अब तक 17 ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो इन ग्रुप्स में सक्रिय थे और माहौल बिगाड़ने में भूमिका निभा रहे थे।


अफवाह फैलाने वालों पर FIR, सख्त कार्रवाई जारी

पुलिस ने फेक नैरेटिव फैलाने और लोगों को भड़काने के मामले में अब तक करीब 10 मुकदमे दर्ज किए हैं। सिर्फ मंगलवार को ही अफवाह फैलाने वालों पर दो FIR दर्ज की गई हैं। दो अलग-अलग जगहों से लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर सक्रिय 17 हैंडलर्स का वेरिफिकेशन किया जा चुका है और बाकी संदिग्धों की पहचान की जा रही है।


साजिश के पीछे संगठित नेटवर्क, पुलिस की कड़ी नजर

लक्ष्मी सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था, जिसने सुनियोजित तरीके से श्रमिकों को उकसाने की कोशिश की। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिससे साजिश के और पहलुओं का खुलासा हो सकता है। पुलिस ने आम जनता और श्रमिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

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