दिल्ली-एनसीआर में प्रॉपर्टी बाजार इन दिनों जबरदस्त उछाल पर है। एनारॉक की रिपोर्ट के मुताबिक, लग्जरी हाउसिंग की कीमतों में पिछले कुछ सालों में करीब 72% तक की तेजी आई है। 2022 में जहां कीमत करीब 13,450 रुपये प्रति वर्ग फुट थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 23,100 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच चुकी है। सिर्फ लग्जरी ही नहीं, मिड सेगमेंट में 54% और अफोर्डेबल हाउसिंग में 48% तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसका सीधा मतलब है कि एनसीआर अब सिर्फ रहने का नहीं, बल्कि कमाई का भी बड़ा केंद्र बन चुका है।
कहां सबसे महंगी प्रॉपर्टी, और क्यों चढ़ रही हैं कीमतें
अगर बात करें सबसे महंगे इलाकों की, तो दिल्ली के साउथ और सेंट्रल हिस्से अब भी टॉप पर हैं। यहां प्रॉपर्टी की सप्लाई बेहद सीमित है, इसलिए जैसे ही कोई अच्छी प्रॉपर्टी बाजार में आती है, तुरंत खरीदार मिल जाते हैं। इसके बाद गुरुग्राम का नाम आता है, खासकर गोल्फ कोर्स रोड, एक्सटेंशन रोड और डीएलएफ फेज 5 जैसे इलाके, जहां लग्जरी प्रोजेक्ट्स की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। यहां जमीन की कमी और हाई-एंड डिमांड कीमतों को लगातार ऊपर धकेल रही है। कुल मिलाकर, प्राइम लोकेशन और लिमिटेड सप्लाई इस महंगाई की सबसे बड़ी वजह है।
कहां निवेश से मिल सकता है ज्यादा फायदा
अगर निवेश के नजरिए से देखें, तो नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद तेजी से उभरते बाजार हैं। यहां अभी भी कई ऐसे सेक्टर हैं जहां कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी तेजी से बेहतर हो रही है। नोएडा एक्सप्रेसवे, द्वारका एक्सप्रेसवे और अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स ने इन इलाकों को इन्वेस्टमेंट के लिए हॉटस्पॉट बना दिया है। खास बात यह है कि यहां से आने वाले समय में रेंटल इनकम और प्रॉपर्टी वैल्यू दोनों में अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और बदलती पसंद बना रहे गेमचेंजर
एनसीआर में प्रॉपर्टी की कीमतों के पीछे सबसे बड़ा रोल इंफ्रास्ट्रक्चर का है। द्वारका एक्सप्रेसवे और सदर्न पेरिफेरल रोड जैसे प्रोजेक्ट्स ने गुरुग्राम को पूरी तरह बदल दिया है, वहीं नोएडा एक्सप्रेसवे ने नोएडा और आसपास के इलाकों की तस्वीर बदल दी है। इसके साथ ही खरीदारों की पसंद भी बदल रही है। अब लोग बड़े घर, बेहतर सुविधाएं और कम भीड़ वाले प्रोजेक्ट्स चाहते हैं। यही वजह है कि डेवलपर्स भी अब कम लेकिन हाई-वैल्यू प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रहे हैं।