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नोएडा में 299 श्रमिक किए गए रिहा, शांतिभंग की धारा में भेजा गया था जेल, मुख्य आरोपियों पर एक्शन जारी

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नोएडा हिंसा मामले में प्रशासन ने 299 आरोपियों को रिहा किया है। उन्हें शांतिभंग की धारा में जेल भेजा गया था। मुख्य आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी है।

नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने आंशिक राहत देते हुए कुछ आरोपियों की रिहाई शुरू कर दी है। शांतिभंग की धाराओं में जेल भेजे गए 299 लोगों को चरणबद्ध तरीके से रिहा किया गया है। वहीं, गंभीर मामलों में फंसे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई अभी भी जारी है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था अब सामान्य हो रही है, इसलिए छोटे मामलों में राहत दी जा रही है।


1050 गिरफ्तार, कई पर गंभीर धाराएं कायम

हिंसक प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़, आगजनी और हाईवे जाम जैसी घटनाओं के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाया था। करीब 1050 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इनमें से कुछ पर सिर्फ शांतिभंग की धाराएं लगाई गई थीं, जबकि अन्य पर गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए। पुलिस के अनुसार, 62 ऐसे लोग चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें उपद्रव भड़काने और तोड़फोड़ में मुख्य भूमिका निभाने वाला माना गया है।


धारा 151 के तहत रिहाई, बाकी प्रक्रिया जारी

जेल प्रशासन के मुताबिक, हालात सामान्य होने के बाद धारा 151 के तहत बंद आरोपियों को धीरे-धीरे छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार शाम तक 299 लोगों की रिहाई हो चुकी थी और बाकी की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन का कहना है कि जिन लोगों पर गंभीर आरोप नहीं हैं, उन्हें राहत दी जा रही है, लेकिन जिन पर हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


एटीएस और एसटीएफ की जांच जारी

इस पूरे मामले में सामने आए बाहरी लिंक के बाद जांच और तेज कर दी गई है। एटीएस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि एसटीएफ पहले से ही सक्रिय है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।


सख्ती और राहत दोनों साथ-साथ

प्रशासन ने साफ किया है कि एक ओर जहां छोटे मामलों में राहत दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर हिंसा में शामिल मुख्य आरोपियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कदम से एक तरफ माहौल को शांत करने की कोशिश है, तो दूसरी ओर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का संदेश भी दिया जा रहा है।

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