दिल्ली के कृष्ण नगर में संदिग्ध बैग मिलने से मचा हड़कंप, बीडीटी और फायर टीम मौके पर पहुँची, बाद में निकला मॉक ड्रिल

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पूर्वी दिल्ली के कृष्ण नगर इलाके में संदिग्ध बैग मिलने की सूचना पर पुलिस, बम डिस्पोजल टीम और फायर विभाग मौके पर पहुंच गए। बाद में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित मॉक ड्रिल थी।

पूर्वी दिल्ली के कृष्ण नगर इलाके में शुक्रवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब लाल क्वार्टर के पास एक संदिग्ध लावारिस बैग मिलने की सूचना पुलिस को मिली। बैग से वायर बाहर निकली दिखाई देने पर इलाके में दहशत फैल गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर विभाग, बम डिस्पोजल टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को घेर लिया गया और लोगों की आवाजाही कुछ समय के लिए रोक दी गई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि बाद में जांच के दौरान साफ हुआ कि यह पूरी कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों की मॉक ड्रिल का हिस्सा थी।


बैग की सूचना मिलते ही अलर्ट हुईं एजेंसियां

जानकारी के मुताबिक शाम करीब 4:15 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि लाल क्वार्टर इलाके में एक नीले रंग का बैग संदिग्ध हालत में पड़ा हुआ है और उसमें से तार बाहर दिखाई दे रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आसपास का इलाका खाली कराया गया। इसके बाद बम डिस्पोजल टीम, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को भी बुलाया गया। अधिकारियों ने बैग की हर एंगल से जांच की और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए। इस दौरान इलाके में मौजूद लोगों में दहशत का माहौल भी देखने को मिला।


सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का हुआ परीक्षण

करीब पूरे ऑपरेशन के बाद अधिकारियों ने बताया कि यह कोई असली खतरा नहीं था, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित मॉक ड्रिल थी। अधिकारियों के अनुसार इस तरह की ड्रिल समय-समय पर कराई जाती हैं ताकि किसी आतंकी खतरे, बम की सूचना या आपदा जैसी स्थिति में एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता को जांचा जा सके। इस दौरान रिस्पॉन्स टाइम, टीमों के बीच समन्वय और इलाके को सुरक्षित करने की प्रक्रिया का परीक्षण किया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी ड्रिल से आपातकालीन हालात में तेजी और बेहतर तरीके से कार्रवाई करने में मदद मिलती है।

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