नोएडा में 3 सेक्टरों में बनेगी पजल पार्किंग, 300 से ज्यादा वाहन होंगे पार्क

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नोएडा के सेक्टर-15, 62 और 124 में जून से पजल पार्किंग का निर्माण शुरू होगा। इन पार्किंग में 300 से ज्यादा वाहन खड़े हो सकेंगे। नोएडा प्राधिकरण को हर साल लाखों रुपए का राजस्व मिलने की उम्मीद है।

नोएडा अथॉरिटी शहर में बढ़ती पार्किंग समस्या को दूर करने के लिए अब पजल पार्किंग योजना पर तेजी से काम कर रहा है। नोएडा के सेक्टर-15, सेक्टर-62 और सेक्टर-124 में जून महीने से पजल पार्किंग का निर्माण शुरू होने जा रहा है। इसके लिए तीन अलग-अलग टेंडर जारी किए गए थे, जिनमें दो-दो कंपनियों ने हिस्सा लिया है। फिलहाल कंपनियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। वहीं सेक्टर-63 में पजल पार्किंग का निर्माण कार्य शुरू भी कर दिया गया है।


प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक इन इलाकों में लंबे समय से पार्किंग की बड़ी समस्या बनी हुई है। सड़क किनारे अनियंत्रित तरीके से वाहन खड़े होने के कारण रोजाना जाम की स्थिति पैदा हो रही है। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इन क्षेत्रों में सरफेस पार्किंग या मल्टीलेवल पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कम जगह में ज्यादा वाहन खड़े करने के लिए पजल पार्किंग को सबसे बेहतर विकल्प माना गया है।


कम जगह में ज्यादा वाहन खड़े होंगे

अधिकारियों का कहना है कि तीनों नई पजल पार्किंग में 300 से अधिक वाहन खड़े किए जा सकेंगे। पजल पार्किंग पूरी तरह ऑटोमेटिक सिस्टम पर आधारित होगी, जहां वाहन मशीन की मदद से निर्धारित स्लॉट में पार्क किए जाएंगे। इससे सड़क पर बेतरतीब पार्किंग कम होगी और ट्रैफिक व्यवस्था में भी सुधार आने की उम्मीद है। प्राधिकरण के अनुसार पजल पार्किंग में एक वाहन को पार्क करने में करीब 3 से 6 मिनट का समय लगेगा। सेक्टर-63 में जिस पजल पार्किंग का काम शुरू हुआ है, उसे जुलाई तक लोगों के लिए शुरू किए जाने की संभावना है। अधिकारियों का मानना है कि यह मॉडल सफल होने पर शहर के दूसरे हिस्सों में भी इसी तरह की पार्किंग बनाई जा सकती है।


प्राधिकरण को होगा लाखों का राजस्व

नोएडा प्राधिकरण को इन पार्किंग परियोजनाओं से अच्छा राजस्व मिलने की उम्मीद है। अनुमान है कि एक पजल पार्किंग में करीब 100 वाहन खड़े हो सकेंगे। इससे हर साल लगभग 36 लाख रुपए की कमाई होगी। इसके अलावा डिजिटल और नॉन-डिजिटल विज्ञापनों से भी अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। प्राधिकरण द्वारा तय दरों के अनुसार पार्किंग शुल्क प्रति वाहन प्रति माह 3000 रुपए होगा। वहीं नॉन-डिजिटल विज्ञापन के लिए प्रति स्क्वायर फुट प्रति माह 274 रुपए और डिजिटल विज्ञापन के लिए 480 रुपए प्रति स्क्वायर फुट शुल्क निर्धारित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे पार्किंग व्यवस्था सुधरेगी और प्राधिकरण की आय में भी बढ़ोतरी होगी।

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