मोनिका नागर मौत मामला: अब क्राइम ब्रांच करेगी जांच, वायरल वीडियो की होगी फोरेंसिक पड़ताल, नोएडा में 7 मई को हुई थी मौत

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ग्रेटर नोएडा की मोनिका नागर मौत मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी। वायरल वीडियो की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। पति और परिवार के खिलाफ मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर दी गई है। मामले में 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज है।

ग्रेटर नोएडा। चर्चित मोनिका नागर मौत मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। मामले की गंभीरता और जांच में लापरवाही के आरोपों को देखते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने दादरी कोतवाली पुलिस से विवेचना वापस लेकर क्राइम ब्रांच को जिम्मेदारी दे दी है। इससे पहले जांच में कथित लापरवाही सामने आने पर एक एसएसआई को निलंबित भी किया गया था। अब एसीपी ग्रेटर नोएडा के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम पूरे मामले की शुरुआत से दोबारा जांच करेगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक की जांच में पति अनुज चौहान और उसके परिवार से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर आरोपितों के खिलाफ और गंभीर धाराएं जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है। मामले की नई जांच से कई अहम पहलुओं के सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।


वायरल वीडियो की सच्चाई तलाशेगी क्राइम ब्रांच

मामले में सामने आए एक वीडियो ने भी जांच को नया मोड़ दे दिया है। वायरल वीडियो में मोनिका फंदा लगाती हुई दिखाई दे रही है, लेकिन मृतका के परिजनों ने इसे घटना से जुड़ा वीडियो मानने से इनकार किया है। परिजनों का आरोप है कि वीडियो पुराना और अधूरा है तथा इसे हत्या को आत्महत्या साबित करने की कोशिश के तहत प्रसारित किया गया। अब क्राइम ब्रांच वीडियो की फोरेंसिक जांच कराएगी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था और उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ तो नहीं की गई। फोरेंसिक रिपोर्ट को मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।


संपत्ति और शादी को लेकर भी उठे सवाल

मोनिका नागर मूल रूप से दुजाना गांव की रहने वाली थीं और पिता के निधन के बाद अपनी मां रेनू नागर के साथ बरौला गांव में रह रही थीं। बताया जाता है कि उन्होंने परिवार की इच्छा के खिलाफ जाकर घोड़ी बछेड़ा निवासी अनुज चौहान से कोर्ट मैरिज की थी। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि मोनिका के नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्ति थी। ऐसे में संपत्ति और पारिवारिक विवाद के पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है। क्राइम ब्रांच अब सभी संबंधित पक्षों से दोबारा पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।


शव जलाने के प्रयास का भी आरोप, 10 लोगों पर मुकदमा

मोनिका की 7 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। आरोप है कि घटना के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को जंगल में ले जाकर जलाने का प्रयास किया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आग बुझाकर शव को कब्जे में लिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने पर बिसरा सुरक्षित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया। इस मामले में पुलिस पहले ही 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चुकी है। पति अनुज चौहान समेत दो आरोपित जेल भेजे जा चुके हैं। अब पूरे मामले में क्राइम ब्रांच की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि इससे मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।

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