ग्रेटर नोएडा की स्मार्ट टाउनशिप का अध्ययन करने पहुंचे 6 आईएएस अधिकारी, ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ व एसीईओ ने साझा की जानकारी

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भारत सरकार में तैनात छह आईएएस अधिकारियों ने ग्रेटर नोएडा की स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब और ट्रांसपोर्ट हब का अध्ययन किया। अधिकारियों ने निवेश, रोजगार सृजन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल की जानकारी हासिल कर परियोजनाओं का निरीक्षण भी किया।

ग्रेटर नोएडा की आधुनिक औद्योगिक और परिवहन परियोजनाओं का अध्ययन करने के लिए भारत सरकार में सहायक सचिव के रूप में तैनात छह आईएएस अधिकारी मंगलवार को ग्रेटर नोएडा पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड (आईआईटीजीएनएल), मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब (एमएमएलएच) और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) की कार्यप्रणाली और विकास मॉडल का विस्तृत अध्ययन किया। इस दौरान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस और एसीईओ प्रेरणा सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी साझा की। अधिकारियों ने परियोजनाओं के इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और रोजगार सृजन से जुड़े पहलुओं को समझने के साथ-साथ मौके पर पहुंचकर विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया।


रोजगार और निवेश को विकास का आधार बताया

बैठक के दौरान सीईओ एनजी रवि कुमार ने भूमि अधिग्रहण से लेकर औद्योगिक विकास तक की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों से भूमि लेकर उद्योगों को उपलब्ध कराने का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। उन्होंने अधिकारियों को विकास योजनाओं के केंद्र में रोजगार सृजन को रखने की सलाह दी। अध्ययन दौरे पर आए अधिकारियों में आयूषी प्रधान, बेंजो पी. जोस, फडतरे अनितेश अशोक, प्रिया रानी, सलोनी छाबड़ा और जुफिशन हक शामिल रहे। अधिकारियों ने ग्रेटर नोएडा मॉडल को समझते हुए विकास और प्रशासनिक समन्वय के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।


स्मार्ट टाउनशिप और मल्टीमॉडल हब ने खींचा ध्यान

एसीईओ प्रेरणा सिंह ने अधिकारियों को बताया कि इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में अब तक 30 से अधिक बड़ी कंपनियों को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इनमें कई कंपनियां उत्पादन शुरू कर चुकी हैं और लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी हैं। इन इकाइयों से करीब 23 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। वहीं एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने ऑटोमेटिक वेस्ट कलेक्शन सिस्टम, 24 घंटे बिजली-पानी आपूर्ति और उन्नत सुरक्षा व्यवस्था जैसी स्मार्ट सुविधाओं की जानकारी दी। अधिकारियों को मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के तहत विकसित किए जा रहे रेल, मेट्रो और बस टर्मिनल की योजनाओं से भी अवगत कराया गया। प्रस्तुतिकरण के बाद आईएएस अधिकारियों ने परियोजना स्थलों का निरीक्षण कर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों का जायजा लिया।

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