नोएडा में मीटिंग के बाद GST उपायुक्त की बिगड़ी तबीयत, उपायुक्त की पत्नी ने अपर आयुक्त पर लगाए उत्पीड़न के गंभीर आरोप, CM योगी से जांच की मांग
- Shiv Kumar
- 16 Jun, 2026
ग्रेटर नोएडा में जीएसटी विभाग से जुड़ा एक मामला चर्चा का विषय बन गया है। विभाग के एक उपायुक्त की पत्नी ने विभाग के ही एक अपर आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्यायिक जांच की मांग की है। शिकायत में दावा किया गया है कि एक विभागीय बैठक के दौरान उनके पति के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिसके चलते उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा और उनकी तबीयत बिगड़ गई। मामले के सामने आने के बाद विभागीय कार्यशैली और अधिकारियों के बीच संबंधों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ता शोभिता सिंह के अनुसार उनके पति वेद प्रकाश सिंह गौतमबुद्ध नगर जोन के खंड-12 में उपायुक्त के पद पर तैनात हैं। उनका कहना है कि 12 जून को आयोजित एक बैठक के दौरान अचानक उनके पति की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार का कहना है कि चिकित्सकों ने जांच के दौरान किसी गंभीर शारीरिक बीमारी की पुष्टि नहीं की, बल्कि मानसिक तनाव और गहरे सदमे की स्थिति बताई। पत्नी का आरोप है कि बैठक के दौरान हुई घटनाओं का उनके पति के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ा है।
अस्पताल से लौटने के बाद भी बना रहा दबाव
शोभिता सिंह ने बताया कि अस्पताल से लौटने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। उनके अनुसार 14 जून को विभाग के कुछ कर्मचारी और अधिकारी हालचाल जानने के लिए घर पहुंचे, लेकिन उनके पति ने किसी से मिलने से इनकार कर दिया। उनका आरोप है कि उसी दिन से अपर आयुक्त लगातार उनके पति पर मिलने का दबाव बना रहे हैं। परिवार का कहना है कि वेद प्रकाश सिंह मानसिक रूप से इतने परेशान हैं कि संबंधित अधिकारी के सामने जाने से भी डर महसूस कर रहे हैं। इसी कारण 15 जून को परिवार उन्हें लेकर वाराणसी चला गया, ताकि वह कुछ समय शांत माहौल में रह सकें और स्वास्थ्य लाभ ले सकें।
अपर आयुक्त ने आरोपों को बताया निराधार
मामले में दूसरी ओर अपर आयुक्त संदीप भागिया ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वेद प्रकाश सिंह की तबीयत पहले भी खराब हो चुकी है और उस समय कोई बैठक नहीं चल रही थी। उन्होंने कहा कि इस बार भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या अचानक सामने आई और इसका किसी प्रकार के विवाद या विभागीय दबाव से कोई संबंध नहीं है। संदीप भागिया के मुताबिक अधिकारी अब स्वस्थ हैं और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग में किसी तरह का विवाद नहीं है और लगाए गए सभी आरोप तथ्यहीन हैं। फिलहाल शिकायत के बाद मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं और सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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