मोबाइल हैकिंग और म्यूल अकाउंट से साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार
- Shiv Kumar
- 24 Jun, 2026
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने मोबाइल हैकिंग और म्यूल बैंक अकाउंट्स के जरिए ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मध्य प्रदेश के रतलाम और जावरा इलाके में तीन दिन चले ऑपरेशन के दौरान करीब 1500 किलोमीटर की दूरी तय कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मोबाइल हैक कर बैंक खातों से उड़ाते थे पैसे
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लोगों के मोबाइल और बैंकिंग डिटेल्स हैक कर खातों से पैसे ट्रांसफर करता था। इसके बाद इन पैसों को म्यूल अकाउंट्स के जरिए अलग-अलग खातों में घुमाकर नकद निकाल लिया जाता था, ताकि साइबर ट्रेसिंग से बचा जा सके। आरोपियों के पास से 4 मोबाइल फोन और 7 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
पीड़िता की शिकायत से खुला पूरा मामला
यह मामला तब सामने आया जब वजीरबाद निवासी 31 वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके बैंक खाते से बिना अनुमति 1 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए गए हैं। शिकायत के आधार पर साइबर थाना नॉर्थ में ई-एफआईआर दर्ज की गई और जांच शुरू की गई। तकनीकी जांच के दौरान पुलिस ने गूगल लॉग्स, आईपी डिटेल्स, ईमेल आईडी और करीब 150 मोबाइल नंबरों की सीडीआर का विश्लेषण किया, जिसके बाद ठगी की रकम का लिंक मध्य प्रदेश के रतलाम निवासी फहीम बेग तक पहुंचा। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर 4 जून 2026 को जावरा, रतलाम में छापेमारी की और मुख्य आरोपी फहीम बेग को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उसी दिन तीन अन्य आरोपी दीपक, शुभम और मनोज को भी दबोच लिया गया।
कमीशन के लालच में बैंक खाते किराए पर देते थे आरोपी
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी लोगों को पैसे का लालच देकर उनके बैंक खाते इस्तेमाल करते थे। दीपक और शुभम ने फहीम के खाते को केवल 2000 रुपये कमीशन पर लिया था। इसके बाद 1 लाख रुपये की ठगी की रकम उसी खाते में ट्रांसफर कर नकद निकाल ली गई और अलग-अलग स्तर पर कमीशन बांटा गया।
चारों आरोपी अलग-अलग राज्यों से जुड़े
फहीम बेग (26) जावरा, मध्य प्रदेश का रहने वाला है और बेरोजगार है। शुभम गोयल (27) 10वीं पास है और पिछले 6 महीने से इस नेटवर्क में सक्रिय था। दीपक (28) पूर्व बैंक रिकवरी एजेंट रह चुका है, जबकि मनोज कुमार टेलर (39) भीलवाड़ा, राजस्थान का रहने वाला है और पहले लोन एजेंट के रूप में काम कर चुका है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि बरामद डिजिटल डिवाइसेज और डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। साथ ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी जारी है।
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