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नोएडा में केवाईसी अपडेट के नाम पर साइबर ठगी का खेल, बैंक खाता किराए पर देने वाला आरोपी गिरफ्तार

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नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने केवाईसी अपडेट के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह की मदद करने वाले आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपना बैंक खाता किराए पर देकर ठगी की रकम ट्रांसफर कराई और इसके बदले कमीशन लिया।

साइबर ठगी के मामलों पर लगातार कार्रवाई कर रही नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता किराए पर उपलब्ध कराकर ठगी के नेटवर्क का हिस्सा बना हुआ था। पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि बैंक खाते की केवाईसी अपडेट कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह ने पीड़ितों से हड़पी गई रकम आरोपी के खाते में ट्रांसफर कराई थी। आरोपी के बैंक खाते में एक मामले से जुड़े करीब नौ लाख रुपये आए थे, जिन्हें बाद में दूसरे खातों में भेज दिया गया। इसके बदले आरोपी को 45 हजार रुपये कमीशन मिला था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और यह पता लगा रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।


ठगी का खुलासा

डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 25 जून को दिल्ली से आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि साइबर ठग खुद को बैंक अधिकारी या मैनेजर बताकर लोगों को कॉल करते थे और केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर उनकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद खातों से रकम निकालकर अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी, ताकि पुलिस की जांच से बचा जा सके। इसी कड़ी में आरोपी ने भी अपना बैंक खाता गिरोह को किराए पर दिया था, जिसका इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने के लिए किया गया।


जांच हुई तेज

गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिल्ली के बुराड़ी निवासी 24 वर्षीय विनय कुमार के रूप में हुई है, जो नौवीं तक पढ़ा है। पुलिस के अनुसार आरोपी को अपने बैंक खाते के इस्तेमाल के बदले कमीशन दिया जाता था। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसने इससे पहले कितनी बार अपना खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया और इस गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर जल्द ही अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि बैंक से जुड़ी किसी भी कॉल पर अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

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