नोएडा में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर बुजुर्ग महिला से 42 लाख की साइबर ठगी, व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर ऐसे फंसाया जाल में
- Shiv Kumar
- 28 Jun, 2026
ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर अपराधियों ने नोएडा की एक बुजुर्ग महिला से 42.13 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने पहले महिला से व्हाट्सऐप पर संपर्क किया, फिर उन्हें एक निवेश से जुड़े ग्रुप में जोड़कर भरोसा जीत लिया। ग्रुप में फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट और कथित विशेषज्ञों की सलाह दिखाकर महिला को निवेश के लिए प्रेरित किया गया। शुरुआत में ऐप पर अच्छा रिटर्न दिखाकर उनका विश्वास बढ़ाया गया, जिसके बाद उन्होंने अलग-अलग किश्तों में लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब महिला ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने नए-नए शुल्क के नाम पर और पैसे मांगने शुरू कर दिए। इसके बाद संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया गया, तब महिला को अपने साथ साइबर ठगी होने का एहसास हुआ।
व्हाट्सऐप ग्रुप और फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट से जीता भरोसा
सेक्टर-92 निवासी 67 वर्षीय बिंदू शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि इसी वर्ष उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप संदेश आया था। शुरुआत में सामान्य बातचीत के बाद शेयर बाजार और ऑनलाइन ट्रेडिंग से कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का दावा किया गया। करीब दो दिन तक बातचीत कर उनका भरोसा जीतने के बाद उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप में कई लोग खुद को सफल निवेशक बताकर बड़े मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा करते थे। वहीं कुछ लोग विशेषज्ञ बनकर निवेश संबंधी सलाह देते थे। इन गतिविधियों को देखकर महिला को लगा कि वह किसी विश्वसनीय निवेश मंच से जुड़ी हैं। इसके बाद ठगों ने उन्हें एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर खाता खुलवाकर अलग-अलग बैंक खातों में निवेश की रकम जमा कराने के लिए कहा।
रकम निकालने पर मांगे और पैसे
शुरुआती निवेश पर ऐप में अच्छा मुनाफा दिखाया गया, जिससे महिला का भरोसा और मजबूत हो गया। इसके बाद अधिक लाभ का लालच देकर उनसे कई बार में कुल 42.13 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। कुछ समय बाद जब महिला ने अपनी जमा राशि और कथित मुनाफा निकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट और अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराने की मांग शुरू कर दी। शक होने पर महिला ने पैसे देने से इनकार कर अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन न तो पैसा लौटा और न ही किसी ने संपर्क किया। पीड़िता ने 26 फरवरी और 6 मार्च 2026 को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान बैंक लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुष्टि होने के बाद साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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