यमुना प्राधिकरण ने 8 बड़ी कंपनियों को सौंपी औद्योगिक भूमि, 3, 181 करोड़ निवेश से 18 हजार से ज्यादा रोजगार का मार्ग प्रशस्त
- Shiv Kumar
- 30 Jun, 2026
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देते हुए आठ प्रमुख निवेशकों को औद्योगिक भूमि आवंटन के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) सौंप दिए हैं। मंगलवार को प्राधिकरण के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने निवेशकों को एलओआई प्रदान किए। इस मौके पर अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं निवेश प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया समेत कई अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे। इन परियोजनाओं के जरिए करीब 3,181.20 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे लगभग 18,126 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य उपकरण, खाद्य प्रसंस्करण, कॉस्मेटिक्स, स्टील फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स जैसे क्षेत्रों में नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
ऑटोमोबाइल से लेकर फूड प्रोसेसिंग तक कई क्षेत्रों में होगा निवेश
यीडा द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं में सबसे बड़ा निवेश समवर्धना मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड करेगा, जिसे सेक्टर-8डी में 50 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी 1,156 करोड़ रुपये का निवेश कर ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स निर्माण इकाई स्थापित करेगी, जिससे लगभग 8,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा बालर मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड स्मार्ट इलेक्ट्रिकल मैन्युफैक्चरिंग इकाई, त्रिवेणी अलमारी प्राइवेट लिमिटेड स्टील फर्नीचर निर्माण, अनोंडिता हेल्थकेयर मेडिकल ग्लव्स निर्माण तथा क्रिस्पी सिटी फूड्स और इनोवेक्स प्रोडक्ट्स खाद्य प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाइयां स्थापित करेंगी। वहीं ए.जी. ऑर्गेनिका परफ्यूम और कॉस्मेटिक्स निर्माण तथा अपार इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड प्रिंटेड सर्किट बोर्ड और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स निर्माण का प्लांट लगाएगी।
प्रदेश को विनिर्माण और निवेश का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी
मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि यमुना प्राधिकरण निवेशकों को पारदर्शी, तेज और उद्योग-अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन आठ परियोजनाओं से न केवल औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। प्राधिकरण का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख विनिर्माण और निवेश केंद्र बनाना है। अधिकारियों का मानना है कि इन नई औद्योगिक इकाइयों के शुरू होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय स्तर पर भी विकास को मजबूती मिलेगी।
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